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टाइगर गणना के हो रही स्पेशल प्लानिंग, मास्टर ट्रेनर हो रहे ट्रेंड

आगामी वर्ष 2018  में प्रदेश में होने वाले टाइगर व अन्य वन्यजीवों की गणना के लिए अभी से तैयारियां प्रारंभ हो गई है। यही वजह है कि पहले मास्टर ट्रेनर तैयार किए जा रहे हैं।

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Gaurav Sen

Jul 13, 2017

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ग्वालियर/श्योपुर। आगामी वर्ष 2018 में प्रदेश में होने वाले टाइगर व अन्य वन्यजीवों की गणना के लिए अभी से तैयारियां प्रारंभ हो गई है। यही वजह है कि पहले मास्टर ट्रेनर तैयार किए जा रहे हैं। ग्वालियर-चंबल संभाग के सभी दर्जन भर डिवीजनों के लिए मास्टर ट्रेनरों को ट्रेंड करने के लिए इस बार कूनो अभयारण्य चुना गया है जिसमें लगभग आधा सैकड़ा वनकर्मियों को ट्रेनिंग दी जा रही है।

बताया गया है बाघ अवलोकन वर्ष 2018 के तहत प्रदेश में बाघ व अन्य वन्यजीवों की गणना की जा रही है। जिसके लिए मास्टर ट्रेनरों को तीन दिवसीय ट्रेनिंग श्योपुर के कूनो अभयारण्य में दी जा रही है। स्टेट फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (एमएसआरआई) जबलपुर के विशेषज्ञों द्वारा आयोजित की जा रही तीन दिवसीय ट्रेनिंग के दौरान कूनो वनमंडल के साथ ही सामान्य वन श्योपुर, शिवपुरी, ग्वलियर, गुना, अशोकनगर, भिंड, दतिया, मुरैना, घाटीगांव अभयारण्य, माधव नेशनल पार्क आदि डिवीजन शामिल है। इन सभी डिवीजनों के 4-4 वनकर्मी ट्रेनिंग ले रहे हैं, जो मास्टर ट्रेनर बनकर अपने-अपने डिवीजनों में शेष अमले को ट्रेनिंग देंगे। बताया गया है कि कूनो वनमंडल को ट्रेनिंग के लिए चुनने के पीछे कारण यहां का घना जंगल होना और वन्यजीवों की अच्छी खासी संख्या होना है। यही वजह है कि मास्टर ट्रेनर यहां से सीखकर अपने अमले को ट्रेनिंग देंगे।
कूनो व सामान्य वनमंडल में भी होगी गणना
इस कार्यक्रम के तहत जिले के कूनो और सामान्य वनमंडल में भी वन्यजीवों की गणना होगी। इससे पहले वर्ष 2016 में गणना हुई थी, जिसमें जिले के कूनो अभयारण्य में वन्यजीवों की संख्या बढ़ती हुई पाई गई थी।

बाघ व अन्य वन्यजीवों के सर्वे के लिए मास्टर ट्रेनरों को ट्रेनिंग देने के लिए एसएफआरआई ने इस बार कूनो को चुना है, जहां दोनों संभागों के दर्जन भर डिवीजनों के 4-4 कर्मचारी मास्टर ट्रेनर के तौर पर ट्रेनिंग ले रहे हैं।
ब्रिजेंद्र श्रीवास्तव, डीएफओ,कूनो अभयारण्य श्योपुर

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