बताया गया है बाघ अवलोकन वर्ष 2018 के तहत प्रदेश में बाघ व अन्य वन्यजीवों की गणना की जा रही है। जिसके लिए मास्टर ट्रेनरों को तीन दिवसीय ट्रेनिंग श्योपुर के कूनो अभयारण्य में दी जा रही है। स्टेट फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (एमएसआरआई) जबलपुर के विशेषज्ञों द्वारा आयोजित की जा रही तीन दिवसीय ट्रेनिंग के दौरान कूनो वनमंडल के साथ ही सामान्य वन श्योपुर, शिवपुरी, ग्वलियर, गुना, अशोकनगर, भिंड, दतिया, मुरैना, घाटीगांव अभयारण्य, माधव नेशनल पार्क आदि डिवीजन शामिल है। इन सभी डिवीजनों के 4-4 वनकर्मी ट्रेनिंग ले रहे हैं, जो मास्टर ट्रेनर बनकर अपने-अपने डिवीजनों में शेष अमले को ट्रेनिंग देंगे। बताया गया है कि कूनो वनमंडल को ट्रेनिंग के लिए चुनने के पीछे कारण यहां का घना जंगल होना और वन्यजीवों की अच्छी खासी संख्या होना है। यही वजह है कि मास्टर ट्रेनर यहां से सीखकर अपने अमले को ट्रेनिंग देंगे।