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MP ELECTION 2018: शिवराज सिंह ने दिखाया लाल और रसाल पर विश्वास, अरविंद भी उतरे कसौटी पर खरे

MP ELECTION 2018: शिवराज सिंह ने दिखाया लाल और रसाल पर विश्वास, अरविंद भी उतरे कसौटी पर खरे

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MP ELECTION 2018: शिवराज सिंह ने दिखाया लाल और रसाल पर विश्वास, अरविंद भी उतरे कसौटी पर खरे

भिण्ड। भाजपा ने शुक्रवार को जारी की उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची में भिण्ड जिले की तीन विस सीटों, गोहद, अटेर व लहार से प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। गोहद से राज्यमंत्री व सिटिंग एमएलए लालसिंह आर्य तथा अटेर व लहार से गत विस चुनाव में निकटतम रहे तत्कालीन भाजपा प्रत्याशी क्रमश: डॉ. अरविंद सिंह भदौरिया व रसालसिंह को टिकट दिया गया है। तीनों ही प्रत्याशी मजबूत जनाधार वाले तथा दिग्गज हैं। पार्टी ने डॉ. अरविंद सिंह पर उनके दो बार लगातार चुनाव हारने के बावजूद दांव लगाया है, वहीं रसालसिंह को गत चुनाव में उनके दमदार प्रदर्शन पर फिर से प्रत्याशी बनाया है। गोहद को छोड़ दें तो अटेर व लहार में इन टिकटों से पार्टी के खेमों में बंटे कार्यकर्ता भितरघात की स्थिति बना सकते हैं।

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अटेर

अरविंद भदौरिया : शिवराज सिंह चौहान एवं हरियाणा के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी के करीबी।
मुद्दा : चंबल का समतलीकरण व कनैरा योजना को मूर्तरूप दिलाना
घटनाक्रम : हनीट्रेप मामले में विधायक हेमंत कटारे को षड्यंत्रपूर्वक फंसाने का आरोप प्रिंसू सिंह द्वारा लगाया जाना।
व्यवसायी : ठेकेदारी
ठीया: मीरा कॉलोनी भिण्ड व भोपाल
पहचान : भाजपा के प्रदेश व राष्ट्रीय पदों में रह चुके हैं, छात्रजीवन से राजनीति में प्रवेश
लाइफ स्टाइल : कुर्ता पायजामा
आयु : 50 वर्ष
शिक्षा : एमए पीएचडी, एलएलबी
पहला चुनाव : वर्ष 2008 में सत्यदेव कटारे को हराकर जीते थे

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लहार

रसाल सिंह : उमा भारती के करीबी
मुद्दा : लहार को नगर पालिका बनाया जाना, सिंचाई के लिए पानी की सुविधा, अवैध रेत खनन पर अंकुश लगाना
घटनाक्रम : आचार संहिता में कार में भाजपा का झण्डा लगाए रखने तथा काले शीशे की कार में सफर करते पकड़े जाने पर ट्रैफिक प्रभारी द्वारा चालान की कार्यवाही की गई
आय का जरिया : कृषि
पहचान : भिण्ड नपा अध्यक्ष रहे तथा चार बार विधायक रह चुके हैं, तेजतर्रार नेता की पहचान है
ठीया : ग्राम रहावली में अपने मयूरवन फार्महाउस पर रहते हैं, वहीं लोगों से मिलते हैं
लाइफस्टाइल : कुर्ता पायजामा
आयु : 76
शिक्षा : एमए
पहला चुनाव : 1977 में पहली बार जेएनपी के टिकट से रौन विस से कांग्रेस की महारानी प्रेमकुमारी राजे को हराकर विधायक चुने गए। 1998 में सपा के टिकट से बसपा के गिर्दावल सिंह बघेल को हराकर दूसरी बार विधायक बने तथा 2003 में भाजपा के टिकट से सपा के राजेंद्र प्रकाश सिंह को हराकर विधायक चुने गए।

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गोहद

लाल सिंह आर्य : शिवराज सिंह गुट से जुड़े हैं
मुद्दा : खारा पानी, पेयजल के ठोस इंतजाम नहीं, बंद होती ओद्योगिक इकाईयां, स्वास्थ्य व शिक्षा के बेहतर विकल्प नहीं
घटनाक्रम : विधायक माखनलाल जाटव हत्याकांड में न्यायालय द्वारा सह अभियुक्त बनाया गया, अग्रिम जमानत पर रिहा
आय का जरिया : कृषि तथा पत्नी शासकीय सेवारत
पहचान : तीसरी बार विधायक हैं, सरकार में इस बार मंत्री भी हैं।
ठीया : गोहद में सरकारी आवास तथा भोपाल
लाइफस्टाइल : कुर्ता पायजामा
आयु : 53
शिक्षा : बीए एलएलबी
पहली बार चुनाव : 1998 में भाजपा के टिकिट से चुनाव लड़े और कांग्रेस बसपा के चतुरीलाल बराधिया को हराकर विधायक चुने गए।








गोहद (सुरक्षित) मुख्यमंत्री के भरोसे ने दिलाया टिकट

लालसिंह आर्य गोहद से दूसरी बार विधायक हैं तथा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के भरोसे के मंत्री हैं। सिटिंग विधायक होने, सीएम की अनुशंसा व पार्टी के सर्वे में उनका नाम प्रमुखता से ऊपर रहने के चलते टिकट हुआ है। दोपहर जब टिकट की खबर आई तब आर्य अपने विस क्षेत्र के गोहद नगर में ही थे। टिकट मिलने से हर्षित उनके समर्थकों ने उन्हें स्थानीय निवास पर पुष्पहार पहनाकर नारे लगाते हुए स्वागत किया।

गोहद विस क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या पेयजल की है। गोहद नगर सहित कई गांवों का पानी खारा है। आर्य ने पिछले दिनों गोहद नगर पालिका के लिए करोड़ों रुपए की लागत की नई नल-जल योजना मंजूर कराई है। गोहद चौराहा से गोहद नगर तक फोरलेन सडक़ का निर्माण उपलब्धियां हैं। हाल ही में आयुष्मान भारत योजना के उद्घाटन के दौरान उन्हें भिण्ड के जिला अस्पताल में एट्रोसिटी एक्ट व आरक्षण विरोधी सपाक्स आदि संगठनों के काले झण्डों के साथ विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ा। एक युवक तो उनके रास्ते में जमीन पर लेट गया था। कडी सुरक्षा के बीच आर्य वहां से निकल पाए थे।








लहार: अनुभव के साथ ही चार बार विधायक रहे चुके हैं रसाल

रसालसिंह भाजपा के पुराने और अनुभवी नेता हैं तथा चार बार के विधायक हैं। लहार विस क्षेत्र से पार्टी के दावेदारों के पैनल व सर्वे में उनका नाम सबसे ऊपर था। गत विस चुनाव में कांग्रेस के डॉ. गोविंद सिंह से वह मामूली वोटों से हार गए थे। मजबूत जनाधार तथा कार्यकर्ता तंत्र उनकी पूंजी है। इसीलिए पार्टी ने उन्हें दोबारा प्रत्याशी बनाया है। टिकट की घोषणा के वक्त वह दिल्ली में थे। देर शाम को लहार वापस लौटने पर कार्यकर्ताओं ने इटावा रेलवे स्टेशन और भिण्ड नगर में उनको फूलमालाएं पहनाकर स्वागत किया। उनके विस क्षेत्र के आलमपुर कस्बे में समर्थकों ने सडक़ों पर मिठाइयां बांटकर जश्न मनाया।

लहार क्षेत्र में अवैध खनन बड़ी समस्या है। लहार नगर का औद्योगिक विकास, पेयजल संकट का निदान और क्षेत्र को रेल नेटवर्क से जोडऩे वाली दो साल से लंबित भिण्ड-उरई व्हाया लहार-मिहोना नई रेल लाइन को चालू कराना भी प्रमुख मुद्दे हैं। रसाल सिंह स्वयं आमतौर पर विवादों से दूर रहते हैं। हाल में लहार के एक भाजपा पदाधिकारी पर बंदूकों से हुए हमले के बाद रसालसिंह ने क्षेत्रीय कांग्रेस विधायक डॉ. गोविंदसिंह पर कई आरोप लगाए थे।

उनके पुन: टिकट होने पर स्थानीय युवा योगेन्द्रसिंह बघेल की प्रतिक्रिया थी, लहार को 30 साल के कांग्रेसी आतंक से रसाल सिंह निजात दिलाएंगे। वहीं एक युवा रमेशसिंह का कहना था कि किसी को भी टिकट मिल जाए, कोई भी जीत जाए जनता सभी से पिसती है।











आलमपुर कस्बे में मिठाइयां बांटते समर्थक।
इटावा से भिण्ड पहुंचने पर कार में बैठे रसालसिंह को पुष्पहार पहनाकर बधाईयां देते स्थानीयपार्टी कार्यकर्ता।

अटेर : अरविंद को संगठन में मजबूत पकड़ का मिला फायदा
डॉ. अरविंदसिंह भदौरिया आरएसएस कैडर के व्यक्ति हैं तथा पार्टी संगठन में महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं, कई चुनावों में देश के विभिन्न राज्यों के प्रभारी रहे हैं। इसलिए उनकी राष्ट्रीय स्तर पर संगठन के लोगों पर अच्छी पकड़ हैं। हालांकि वे दो बार मामूली मतांतर से दो चुनाव हार चुके हैं। उनके टिकट की बड़ी वजह उनकी पार्टी संगठन व सत्ता पर मजबूत पकड़ को माना जा रहा है। शुक्रवार को वह भोपाल में थे। टिकट की सूचना मिलने पर उनके स्थानीय मित्र शुभचिंतक तत्काल बधाई देने पहुंचे तथा उन्हें पुष्प मालाएं पहनाईं।

अटेर विस क्षेत्र के लोगों के लिए सबसे बड़ा मुद्दा क्षेत्र के सिंचाईविहीन 1500 से अधिक गांवों के लिए जीवनदायिनी 30 साल से बंद पड़ी चंबल कनेरा उद्वहन सिंचाई परियोजना है। भदौरिया पिछले कई साल से परियोजना को चालू कराने के लिए प्रयासरत हैं। विस क्षेत्र के चंबल व क्वारी नदियों के बीहड़ी गांवों को पक्की सडक़ों, बिजली व पेयजल सुविधायुक्त बनाना भी चुनौती है। हाल में भदौरिया अटेर के सिटिंग कांग्रेस एमएलए हेमंत कटारे के हनीट्रेप मामले में फिर से उस समय चर्चा में आए जब भोपाल की कथित पीडि़ता युवती ने भिण्ड आकर सारी घटना के लिए भदौरिया को जिम्मेदार बताया।