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mp election result 2018: चुनावी रैलियों में इकठ्ठा होने वाली भीड़ पर हुआ ये बड़ा खुलासा, चुनाव आयोग की आया नजर में

mp election result 2018: चुनावी मौसम में मजदूरों की चांदी, मनरेगा से ज्यादा मिल रहा मेहनताना

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mp election result 2018: चुनावी रैलियों में इकठ्ठा होने वाली भीड़ पर हुआ ये बड़ा खुलासा, चुनाव आयोग की आया नजर में

mp election result 2018: चुनावी मौसम में मजदूरों की चांदी, मनरेगा से ज्यादा मिल रहा मेहनताना

ग्वालियर। विधानसभा चुनाव के चलते मजदूरों की मांग भी बढ़ गई है। पार्टियों ने इन्हें चुनावी रंग में ढाल दिया है। नतीजा मजदूरों के मिलने के स्थानों से अचानक इनकी संख्या कम होना शुरू हो गई है। शहर के महाराज बाड़ा, हजीरा चौराहा, नई सडक़, मुरार आदि क्षेत्रों में सुबह के समय दिखने वाली मजदूरों की भीड़ काफी कम हो गई है। आमजन मजदूरी के लिए जब इन मजदूरों की बुकिंग करने आ रहे हैं तो उन्हें ये उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। राजनीतिक दल मजदूरों की टोलियों को प्रचार-प्रसार, रैली और आमसभा के लिए बुक कर रहे हैं। जहां मनरेगा में मजदूरों को एक दिन के 167 रुपए मिलते हैं वहीं बगैर मजदूरी किए ही 400 से 500 रुपए मिल रहे हैं। साथ में नाश्ता और भोजन भी।

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महाराज बाड़ा, टाउन हॉल
समय : सुबह 7.55 बजे, स्थान : दृश्य : यहां 400 से अधिक मजदूर रोजाना आते हैं, लेकिन शुक्रवार को ये संख्या काफी कम थी। नाका चंद्रवदनी निवासी मजदूर रामहेत कुशवाह और कंपू निवासी मुकेश बाथम ने बताया कि कितने लडक़े चाहिए। मेरे पास 50 हैं। उन्होंने आगे बताया कि चुनावी माहौल में मजदूरी का काम अभी कम लोग ही कर रहे हैं। वहीं सलीम खान का कहना था कि अभी एक नेताजी के कार्यकर्ता चुनाव के लिए तैयार रहने का कहकर गए हैं।

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रोज 4-5 लाख रुपए के फूलों की बिक्री
चुनाव प्रचार में फूल मालाओं का अपना अलग ही महत्व है। जब तक नेताजी के गले में फूल माला न हों, नेताजी अधूरे से ही लगते हैं। प्रचार के लिए पार्टियों के प्रत्याशी घर-घर दस्तक दे रहे हैं। फूलों से उनका स्वागत भी किया जा रहा है। लिहाजा इन दिनों फूलों की खासी मांग है। सर्वाधिक बिक्री गेंदा की है। साथ में गुलाब भी बिक रहा है। फूल कारोबारियों की मानें तो रोजाना चार से पांच लाख से अधिक के फूलों की बिक्री हो रही है।

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500 क्विंटल गेंदा तो 400 क्विंटल गुलाब की आवक

चुनाव प्रचार प्रारंभ होने के बाद से ही फूलों की मांग बढ़ी हुई है। इन दिनों लक्ष्मीगंज थोक मंडी में हर रोज 500 क्विंटल गेंदा के साथ 400 क्विंटल गुलाब के फूलों की आवक हो रही है। सबसे अधिक मांग कोलकाता से आने वाले गुलाब के साथ इंदौर-उज्जैन से आने वाले गेंदा फूल की है।

फूलों के थोक भाव पर एक नजर

बढ़ गयी फूलों की बिक्री
त्योहारी सीजन खत्म होने के बाद अब चुनाव प्रचार में फूलों की बिक्री काफी बढ़ गयी है। शहर में 500 से अधिक फूल-मालाओं की दुकानें हैं। हर रोज करीब पांच लाख से अधिक के फूल बिक रहे हैं।
- महेश सैनी, फूल कारोबारी