कुछ प्रत्याशी घर से खाना लेकर निकल रहे है, तो कुछ चुनाव कार्यालय में कार्यकर्ताओं के साथ भोजन कर रहे हैं। समर्थक प्रत्याशियों को फलों से तौल रहे हैं, लेकिन वे खुद नहीं खा रहे हैं।
विधानसभा चुनाव के जो प्रत्याशी घर में मीठे को हाथ तक नहीं लगाते हैं, वे जनसंपर्क में मतदाताओं के हाथों से अपना मुंह मीठा कर रहे हैं। प्रत्याशियों की मजबूरी है कि यदि मीठा खाने से मना कर दिया तो मतदाता नाराज न हो जाए, इसलिए मजबूरी में मुंह मीठा कर रहे हैं। जनसंपर्क में प्रत्याशी सिर्फ हाथ जोडकऱ वोट नहीं मांग रहे बल्कि मतदाताओं को अपनापन दिखाने के लिए साथ में चाय, खाना खा रहे है, और सम्मान भी करा रहे हैं। कुछ प्रत्याशी घर से खाना लेकर निकल रहे है, तो कुछ चुनाव कार्यालय में कार्यकर्ताओं के साथ भोजन कर रहे हैं। समर्थक प्रत्याशियों को फलों से तौल रहे हैं, लेकिन वे खुद नहीं खा रहे हैं।
दक्षिण विधानसभा के प्रत्याशी जनसंपर्क में टॉफियां बांट मतदाताओं का मुंह मीठा करा रहे हैं। वे अपनी जेब में टॉफी भर रखते हैं और जिस क्षेत्र में जाते है उसमें बड़े बुजुर्ग और बच्चों को अपने हाथों से टॉफी खिला रहे हैं। हालांकि खुद प्रत्याशी मीठे से परहेज कर रहे हैं, उनका मानना है कि मीठा खाने से वजन बढ़ जाता है, इसलिए मीठे से दूरी बना ली है। ग्वालियर विधानसभा के भाजपा प्रत्याशी सुबह घर से नाश्ता करके निकलते हैं, लेकिन मतदाताओं का मन रखने के लिए नाश्ते को चख लेते हैं। जनसंपर्क के दौरान जब भूख लगती है तो वह मतदाता से भोजन मांग लेते हैं और उसके घर के बाहर ही बैठकर खाकर फिर वोट मांगने चल पड़ते हैं। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी अपने स्वास्थ्य को लेकर सजग है, वे जनसंपर्क में गला खराब न हो जाए, इसलिए मतदाताओं के घर से गर्म पानी मंगाकर लेते हैं। पूर्व के कांग्रेस प्रत्याशी मीठे से पूरी तरह से दूरी बनाए हुए हैं, वे जनसंपर्क में मतदाता के बहुत आग्रह पर मुंह मीठा कर रहे हैं, वे सुबह घर से नाश्ता करके निकलते हैं। दोपह में जनसंपर्क से समय निकालकर दोपहर घर जाकर ही भोजन करते हैं।