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एमपी के बड़े अफसर पर हाईकोर्ट ने लगाया भारी जुर्माना, ये है वजह

MP News: दतिया के तत्कालीन एसपी व वर्तमान में डीआइजी पीएचक्यू मयंक अवस्थी की कार्यप्रणाली पर हाईकोर्ट ने टिप्पणी कर कहा कि एक पक्ष को लाभ पहुंचाने दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से काम कर रहे थे। हाईकोर्ट ने मयंक अवस्थी पर भारी जुर्माना लगाया है।
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ग्वालियर

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Avantika Pandey

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Updated: 17 Apr 2025, 9:11 AM IST

MP High Court

MP News: मध्यप्रदेश के दतिया के तत्कालीन एसपी व वर्तमान में डीआइजी पीएचक्यू मयंक अवस्थी(Mayank Awasthi) की कार्यप्रणाली पर हाईकोर्ट ने टिप्पणी कर कहा कि एक पक्ष को लाभ पहुंचाने दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से काम कर रहे थे। वास्तव में इनका रवैया चौंकाने वाला है। एक परिवार ने अपना सदस्य खो दिया, दूसरा पक्ष आजीवन कारावास व मृत्युदंड जैसे केस का सामना कर रहा है। उन्होंने स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन किया है। मयंक अवस्थी को एक महीने के भीतर प्रिसिंपल रजिस्ट्रार के यहां 5 लाख रुपए जमा करने होंगे। जो पक्ष केस जीतेगा, राशि उसे दी जाएगी।

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ये है मामला

दरअसल दतिया(Datia) के दीपार थाने में 24 सितंबर 2017 को हत्या का केस दर्ज हुआ था। आरोपी मानवेंद्र गुर्जर ने आरोप लगाया कि घटना तीन-चार दिन पहले की है। घटना दिनांक को मृतक घायल, गवाह की लोकेशन भिंड जिले के अमायन में थी, लेकिन घटना को दतिया में दिखाया गया। फरियादी व गवाह की लोकेशन मोबाइल में देखी जा सकती है।

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टावर लोकेशन सुरक्षित नहीं की

सेंवढ़ा न्यायालय ने पुलिस को टावर लोकेशन सुरक्षित रखने के निर्देश दिए थे। पुलिस ने लोकेशन सुरक्षित करने का पत्र भी कोर्ट(MP High Court) में पेश किया। जब केस अंतिम तर्क पर आया तब लोकेशन पेश करने की मांग की गई। पुलिस ने कहा कि लोकेशन सुरक्षित नहीं की गई है। पुलिस का पक्ष सुनने के बाद मानवेंद्र का आवेदन खारिज कर दिया गया। इसे लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने वर्तमान दीपार थाना प्रभारी को तलब किया। थाना प्रभारी भी जवाब नहीं दे पाए। तत्कालीन एसपी अवस्थी व तत्कालीन थाना प्रभारी यतेंद्र सिंह भदौरिया से जवाब मांगा। 4 अप्रेल को बहस के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित कर लिया था।