शासन नहीं दे सका जबाव, परीक्षा के रिजल्ट पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक 25 शासकीय कालेजों में सितंबर 2022 के प्रवेश परीत्रा जुलाई 2023 में कराई थी
ग्वालियर. हाईकोर्ट की युगल पीठ ने प्री नर्सिंग सिलेक्शन टेस्ट (पीएनएसटी)-2022 का रिजल्ट घोषित करने पर रोक लगा दी। कोर्ट ने बहस के दौरान तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि क्या प्रदेश कानून के हिसाब से नहीं चलता है। अपनी सहूलियत से चला रहे हैं। संविधान के तहत हमारी भी जिम्मेदारी है कि कानून का पालन कराया जाए। पुराने सत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दे सकते हैं। कोर्ट ने अतिरिक्त महाधिवक्ता से कहा कि ऐसा काम क्यों करते हैं, जिसका आप लोग जवाब नहीं दे पा रहे हैं। पुराने सत्र में प्रवेश देने के मामले में आप जवाब भी नहीं दे पा रहे हैं। कोर्ट ने नोटिस जारी कर 2 अगस्त तक जवाब मांगा है।
दरअसल प्राइवेट नर्सिंग इंस्टीट्यूट एसोसिएसन ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। इस याचिका में सात से नौ जुलाई 2023 के बीच कराई गई प्री नर्सिंग सिलेक्शन टेस्ट (पीएनएसटी)-2022 को चुनौती दी गई है। पिछली सुनवाई पर कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए दो सलालों के जवाब मांगे थे। कोर्ट ने शासन से दो सवालों के जवाब पूछे हैं कि जिन 25 शासकीय कॉलेजों में प्रवेश के लिए परीक्षा कराई जा रही है, क्या उनकी सीबीआई जांच चल रही है। पुराने सत्र के प्रवेश देर से क्यों कराए हैं। इन सवालों के जवाब के लिए एक दिन का सम दिया था, लेकिन जब न्यायालय में यह मामला आया तो अतिरिक्त महाधिवक्ता के पास सवालों के जवाब नहीं थे। कोर्ट ने कहा कि सब साफ दिख रहा है। कानून के खिलाफ जाकर कार्य किए जा रहे हैं। जब प्रवेश की तारीख निकल चुकी है तो एक साल बाद नर्सिंग में प्रवेश दे रहे हैं। आप चाहते हैं कि हम सरकार से भाई चारा निभाएं, ये उम्मीद हमारे से मत की जिए।
क्या मामला
-मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल ने प्री नर्सिंग सिलेक्शन टेस्ट (पीएनएसटी)-2022 के आवेदन आमंत्रित किए। सात से नौ जुलाई 2023 के बीच दो पालियों में टेस्ट लिया गया। यह टेस्ट महिला परीक्षार्थियों के लिए था।
- इंडियन नर्सिंग काउंसिल ने सितंबर 2022 तक प्रवेश का आदेश दिया था, लेकिन प्रदेश में यह परीक्षा नहीं हो सकी तो 31 अक्टूबर 2022 कर दी। एक महीने का समय और दे दिया।
- 2022 में महिलाओं के लिए टेस्ट आयोजित नहीं किया गया। 2022 के प्रवेश 2023 में दिए जा रहे थे। करीब 25 कॉलेजों में प्रवेश के लिय यह टेस्ट था। इस परीक्षा में 60 हजार महिला परीक्षार्थी बैठी थीं।