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हाईकोर्ट में अंबेडकर की मूर्ति लगाने को लेकर छिड़ा विवाद, छावनी में तब्दील हुआ बॉर्डर, 800 पुलिसकर्मी तैनात

MP News: मध्यप्रदेश के ग्वालियर-मुरैना बॉर्डर को सील कर दिया गया है। जिसके लिए 800 सौ के करीब पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।

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ग्वालियर-मुरैना बॉर्डर सील।फोटो- पत्रिका

MP News: मध्यप्रदेश के ग्वालियर हाईकोर्ट परिसर में डॉ भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने का मुद्दा ज्वंलत होता जा रहा है। इसको लेकर प्रशासन और भीम सेना के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। सोमवार को प्रशासन ने भीम आर्मी को सभा और फूलबाग में डॉ अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने की अनुमति नहीं दी। इसके बावजूद भीम सेना ने रैली और सभा करने की घोषणा कर दी।

ग्वालियर-मुरैना बॉर्डर हुआ सील

मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय प्रशासन ने ग्वालियर-मुरैना बॉर्डर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया है। दोपहर 3 बजे के करीब भीम आर्मी के कार्यकर्ता आगे बढ़े तो उन्हें निरावली पॉइंट पर रोक लिया गया। भीम सेना के नेताओं ने अंदर जाने के लिए प्रयास किए तो पुलिस ने रैली की अनुमति दिखाने के लिए कहा। जिस पर विवाद हुआ और वापस लौटना पड़ा। लेकिन उससे पहले ही 29 जून को भीम सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने ग्वालियर में भीमराव अग्निपथ महासभा होने का ऐलान कर दिया।

दरअसल, प्रतिमा विवाद में भीम सेना की एंट्री को देखते ही पुलिस अलर्ट मोड पर आ गई। प्रदर्शन में दिल्ली से भीम सेना के राष्ट्रीय नेता सहित कई और सदस्य आ रहे थे। इसी को देखते हुए पुलिस बॉर्डर को सील कर दिया। इसके लिए 800 सौ पुलिसकर्मियों को बॉर्डर पर तैनात किया गया है। ताकि शहर के अंदर शांति बनी रहे।

दिल्ली और आगरा की ओर से भीम सेना के नेता काफिला लेकर ग्वालियर की ओर बढ़ रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने बैरिकेडिंग के माध्यम से शहर में एंट्री रोक दी। इसको लेकर पुलिस और भीम सेना के नेताओं के बीच काफी देर तक बहस चली। इसको देखते हुए भीम सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवाब सतपाल सिंह तंवर ने ऐलान कर दिया कि 29 जून को ग्वालियर के फूलबाग मैदान पर भीमराव अग्निपथ महासभा का आयोजन किया जाएगा। जिसमें बड़ी संख्या में दलित समाज के लोग एकत्रित होंगे।