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एमपी के बड़े उद्योगपति पहुंचे जेल, पान-गुटखा निर्माता गुप्ता बंधुओं पर कसा शिकंजा

Gwalior- कर्ताधर्ता गुप्ता भाइयों को जेल भेज दिया गया है। जमानत की अर्जी पर सोमवार को सुनवाई हो सकती है।

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MP's Gutkha Manufacturers, the Gupta Brothers, Are in Jail

MP's Gutkha Manufacturers, the Gupta Brothers, Are in Jail- Demo pic

Gwalior- एमपी के बड़े उद्योगपतियों को जेल पहुंचा दिया गया है। इसी के साथ पान-गुटखा निर्माता गुप्ता बंधुओं पर शिकंजा और कस गया है। उनपर टैक्स चोरी के मामले में ये कार्रवाई की गई है। सेंट्रल जीएसटी की भोपाल कमिश्नरेट की टीम ने ग्वालियर की जिस पान मसाला फैकि्ट्रयों पर छापा मारा था वहां करीब 35 करोड़ की टैक्स चोरी उजागर हुई थी। दोनों फैकि्ट्रयों में तीन ऑटोमेटिक और 10 मैन्युअल मशीनों से पान मसाला के पैकेट तैयार किए जा रहे थे। फैक्ट्री से पान मसाला की सप्लाई मुख्य रूप छत्तीसगढ़ और कुछ खपत ग्वालियर Gwalior के आसपास क्षेत्रों में की जाती थी। उसके कर्ताधर्ता गुप्ता भाइयों को जेल भेज दिया गया है। उनकी जमानत की अर्जी पर सोमवार को सुनवाई हो सकती है।

केंद्रीय जीएसटी की भोपाल कमिश्नरेट की निवारक शाखा के अधिकारियों ने ग्वालियर से करीब 45 किलोमीटर दूर दो गुटखा फैकि्ट्रयों पर छापा मारा था। यह कार्रवाई तीन दिन तक लगातार चली। जांच में सामने आया कि गुटका निर्माता सालाना टर्न ओवर 40 से 50 लाख बताते थे जबकि दस्तावेजों की छानबीन में सामने आया कि उनका टर्नओवर करोड़ों रुपए में है।

एक फैक्ट्री में सुगंधित सुपारी बनाई जा रही थी जबकि उसी से लगी दूसरी फैक्ट्री में कत्था, चूना, सुपारी सहित अन्य और
पान मसाले मिले। इसमें तंबाकू युक्त पान मसाला तैयार किया जा रहा था।

नए नियम का पहला प्रकरण :

सीजीएसटी के अधिकारियों का कहना है कि 1 फरवरी से हेल्थ एंड नेशनल सिक्योरिटी सेस मशीनों पर भी लगने लगा है। गुटखा निर्माता मशीनों पर टैक्स नहीं बता रहे थे। इसी तरह पान मसाला पर भी बड़े पैमाने पर टैक्स की चोरी की जा रही थी।

फैक्ट्री से पान मसाला की सप्लाई मुख्य रूप छत्तीसगढ़ में की जाती थी

बताया जाता है कि दोनों फैकि्ट्रयों में तीन ऑटोमेटिक और 10 मैन्युअल मशीनों से पान मसाला के पैकेट तैयार किए जा रहे थे। फैक्ट्री से पान मसाला की सप्लाई मुख्य रूप छत्तीसगढ़ में की जाती थी। कुछ खपत ग्वालियर और आसपास के क्षेत्रों में भी होना बताया गया है। यह जांच भोपाल कमिश्नरेट की प्रधान आयुक्त एन पदमश्री के निर्देशन और अपर आयुक्त योगेश यादव के मार्गदर्शन में भोपाल और ग्वालियर की टीम ने संयुक्त रूप से की है।

जांच का दायरा बढ़ेगा

सीजीएसटी के अधिकारियों का कहना है कि जो भी मशीनों से इस तरह के पान मसाला आदि तैयार करते हैं, 1 फरवरी
से लागू हुए नए नियमों के तहत उन्हें रजिस्ट्रेशन कराना होगा। विभाग का कहना है कि इस तरह की मशीनों का संचालन करने वाले उनके राडार पर है। इसमें गुटखा खरीदने, बेचने और निर्माता तक को जांच में लिया जा रहा है।