24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

शहरवासियों को जलकर माफ व गार्बेज शुल्क से मिलेगी राहत, अब इतने लगेगा टैक्स

परिषद में जोरदार हंगामे की बीच जलकर माफ व गार्बेज शुल्क सामांतर का प्रस्ताव पास, शासन को भेजा जाएगा, आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती की जांच अब ईओडब्ल्यू करेगी

4 min read
Google source verification
शहरवासियों को जलकर माफ व गार्बेज शुल्क से मिलेगी राहत, अब इतने लगेगा टैक्स

शहरवासियों को जलकर माफ व गार्बेज शुल्क से मिलेगी राहत, अब इतने लगेगा टैक्स

ग्वालियर। नगर निगम परिषद की विशेष अभियाचित सम्मेलन में गार्बेज शुल्क के युक्तियुक्तकरण, वर्ष 2022-23 की मूल व बिलो राशि को समायोजित करने, बकाया जलकर माफ व जलकर कम को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्षी पार्षदों के बीच जमकर बहस हुई। हंगामा के दौरान दोनों ही दलों ने जनता को राहत देने के नाम पर श्रेय लेने के आरोप-प्रत्यारोप लगाते हुए भाजपा पार्षदों ने महापौर चुनाव का मेनिफेस्टो लहराकर इसे झूठ का पुलिंदा बताते आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान गार्बेज शुल्क व जलकर माफ करने के झूठे वादे कांग्रेस ने चुनाव में किए थे। इतना ही नहीं दोनों दलों ने भाजपा-कांग्रेस के साथ ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ व दिग्गविजय सिंह पर भी आरोप लगाए।

हंगामे के बीच सभी पार्षदों ने गार्बेज शुल्क और जलकर माफी के प्रस्ताव पास कर शासन को भेजने की सहमति दी।2022-23 की मूल व बिलो राशि को समायोजित करने, आउटसोर्स कर्मचारियों की जांच एमआईसी की कमेटी द्वारा एओडब्ल्यू को भेजे की मांग करने पर सभापति ने एमआईसी से जांच रिपोर्ट भेजे जाने व परिषद को अवगत कराने और विनियमित कर्मचारियों को 6वें-7वे वेतनमान देने का नियम शासन के पास नहीं होने पर सभापति ने अपनी ओर से आयुक्त नगरीय प्रशासन को अद्र्धशासकीय पत्र लिखे जाने की बात कही।

वहीं ग्राम केदारपुर पर आदर्श कॉलोनी का अद्योसंरचना विकास कार्य करने पर चर्चा साधारण सम्मलेन के एजेंडे में 28 जुलाई को होगी। क्योकि यह बिंदु सम्मेलन में भी शामिल है। जलविहार स्थित निगम परिषद कार्यालय में विशेष अभियचित सम्मेलन सोमवार को सभापति मनोज तोमर की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। इस दौरान करीब तीन घंटे तक जोरदार हंगामे के बीच पार्षदों ने एक-दूसरे पर जमकर आरोप लगाए और बाद में सभी बिंदुओं पर चर्चा कर सर्वसम्मति से पास किया गया।

इन बिंदुओं को किया गया पास
-गार्बेज शुल्क सामांतर करने पर सदन में चर्चा के बाद सभापति ने निगमायुक्त को निर्देश दिए कि गार्बेज शुल्क को लेकर जबलपुर, इंदौर सहित अन्य शहरों से जानकारी लेकर गार्बेज शुल्क के युक्त युक्तिकरण की कार्रवाई प्रारंभ करें और यदि आवश्यकता हो तो शासन से विधिक राय ली जाए।
-वर्ष 2022-23 की मूल एवं बिलो राशि को समायोजित करने पर चर्चा कर निर्णय लिया कि वर्ष 2022-23 की मौलिक निधि, पार्षद निधि, सभापति निधि, महापौर निधि एवं वार्ड समिति की निधि में बची हुई मूल राशि एवं बिलो राशि को वर्ष 2023 में समायोजित कर विधि अनुसार निगमायुक्त कार्यवाही करें।
-बकाया जलकर को माफ व कम करने पर निर्णय लिया कि प्रस्ताव की विसंगतियों को दूर करते हुए नियमानुसार जलकर माफ अथवा संसोधन करने के लिए निगमायुक्त निगम हित व जनता के हित को देखते हुए विधि सम्मत एवं नियमानुसार कार्यवाही करें।
-आउटसोर्स कर्मचारियों की जांच के संबंध में परिषद द्वारा पारित ठहराव क्रमांक 49 दिनांक 25/5/2023 पर चर्चा कर निर्णय लिया कि आउटसोर्स जांच कमेठी का गठन मेयर इन कांउसिल द्वारा किया गया था। जांच भी एमआईसी द्वारा की गई थी। अत: जांच कमेठी गुणदोष के आधार पर उक्त प्रकरण पर निर्णय ले और परिषद कार्यालय को अवगत कराए।
-विनियमित कर्मचारियों को 6वें व 7वे वेतनमान देने पर निर्णय लिया गया कि निगमायुक्त इस बिंदु पर शासन से मार्गदर्शन लेकर उचित कार्यवाही करें और सभापति की ओर से कर्मचारियों के हित को देखते हुए शासन को पत्र लिखकर अनुरोध किया जाएगा।

विधायक-महापौर को पता था तो क्यो किया शामिल
जलकर माफी पर चर्चा करते हुए पार्षद गिर्राज कंसाना व अनिल सांखला ने 2015 का ठहराव दिखाते हुए कहा कि विधायक डॉ सतीश सिकरवार, महापौर डा. शोभा सिकरवार उस समय एमआइसी सदस्य थे। परिषद ने शासन को जलकर माफी का प्रस्ताव भेजा था पर कोई निर्णय नहीं हुआ। जब दोनों को जानकारी थी कि यह मामला शासन स्तर का है तो महापौर चुनाव इसे कैसे शामिल कर लिया। लेकिन अब जलकर माफ किया जाए इसके लिए हम सभी विपक्षी पार्षद मुख्यमंत्री से मिलने जाएंगे और माफी की मांग करें।

दो बार शासन कर चुका है प्रस्ताव खारिज
नगर निगम चुनाव के दौरान कांग्रेस ने जलकर व गार्बेज शुल्क माफ करने का वादा जनता से किया था और चुनाव जीतने के बाद महापौर डॉ शोभा सिकरवार ने 25 नवंबर 2022 को एमआईसी की बैठक में 2021 से पूर्व के करीब 130 करोड़ का जलकर माफ करने का प्रस्ताव पास कर परिषद की ओर भेज था। लेकिन आयुक्त ने उसे परिषद के पास नहीं भेजा। यदि अब पास भी होता है तो श्रेय कांग्रेस को ही मिलना तय है। हालांकि 2005 में 5.6 करोड़ व 2012 में भी 20 करोड़ की राशि माफ करने के लिए भेजी गई पर शासन ने खारिज कर दिया।

प्रस्ताव पास तो 900 वर्गफुट पर लगेंगे 240 रुपए
नगर निगम में अभी गार्बेज शुल्क आवासीय मकान के 900 वर्गफुट तक अभी 300 रुपए लिए जा रहे थे अब 240 रुपए,1500 वर्गफुट पर 600 रुपए थे अब 420 और 1500 वर्गफुट से अधिक 1200 के स्थान पर 480 रुपए। शासकीय स्कूल/कॉलेज से कोई शुल्क नहीं और निजी से 3000 वर्गफीट तक से 3000 रुपए और 3001 से 1000 वर्गफीट तक 7500 प्रति वर्ष की जगह 5000 रुपए। दुकान 100 वर्ग फुट तक 250 रुपए के स्थान पर 240 रुपए, 100 से 200 वर्गफुट तक 1000 रुपए की जगह 720 रुपए और सभी उद्योग से 1440 रुपए लिया जाएगा। वही निगम में अब तक 34918 लोगों ने 3 करोड़ 43 लाख और कुल संपत्तिकर 21 करोड़ 27 लाख रुपए जमा हो चुका हैं।