निगम परिषद में दोनों दल के पार्षद बोले स्वच्छता में हुआ है करोड़ों का खेल
ग्वालियर। अध्यक्ष जी, एयरपोर्ट के पास सोहनपूर पर नाला का निर्माण होना है, इस नाले के निर्माण प्रस्ताव की फाइल जब आयुक्त ने एमआईसी के पास पहुंचाई तो सदस्यों ने फाइल करने से मना कर दिया। बाद में विधायक व एमआईसी सदस्य ने निगमायुक्त को ब्लैकमेल करते हुए कहा कि उस फाइल पर साइन के बदले आपको हमारी भी एक फाइल की स्वीकृति करनी होगी। यह आरोप गुरुवार को विपक्ष में बैठे भाजपा पार्षद बृजेश श्रीवास,जीतेंद्र मुदगल व अनिल ने लगाए तो सत्ता पक्ष में बैठे सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया।
जिसे देख विधायक प्रतिनिधि कृष्णराव दीक्षित व मनोज खरे ने केन्द्रीय मंत्री सिंधिया का नाम लिया तो विपक्षी पार्षदों ने भी कमलनाथ का नाम लेते हुए जमकर हंगामा मचाया। दोनों पक्षों का हंगामा अधिक होता देख सभापति ने परिषद को 5 मिनट के लिए स्थगित कर दिया। हालांकि इसके बाद भी हंगामा होता रहा और कांग्रेस पार्षदों ने वरिष्ठ नेतृत्व व सिंधिया पर तो भाजपा पार्षदों ने कमलनाथ, सोनिया और राहुल को पप्पू कहकर सदन में हंगामा खड़ा किया।
सिंधिया समर्थक बोले-क्या और कोई नेता नहीं है
आप लोग, बार-बार वरिष्ठ नेतृत्व और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का ही नाम क्यो लेते हो, क्या बीडी सहित और भी कोई नेता नहीं है। यह बात आउटसोर्स भर्ती घोटाले की जांच रिपोर्ट सत्ता पक्ष से मांगने पर कांग्रेस पार्षदों द्वारा लगाए गए आरोप के बचाव करते हुए सिंधिया समर्थक नेता प्रतिपक्ष हरीपाल, पार्षद मोहित जाट, जीतेंद्र मुदगल, ब्रजेश श्रीवास व अनिल सांखला ने कही।
सत्ता पक्ष-जांच चल रही, सभापति-15 दिन में दें रिपोर्ट
आउटसोर्स भर्ती घोटाले की जांच को लेकर भाजपा पार्षदों ने सत्ता पक्ष कांग्रेस पर जमकर आरोप लगाए। इनका बचाव करते हुए एमआईसी सदस्य अवधेश कौरव ने कहा आउटसोर्स घोटाला पूरे प्रदेश में हुआ है। ग्वालियर में 1300 कर्मचारियों की जांच कमेटी कर रही है यह कर्मचारियों के भविष्य का सवाल है, इसलिए जांच में समय लग रहा है। जिस पर सभापति ने कहा अभी तक जो भी जांच की है उसकी रिपोर्ट 15 दिन के अंदर सदन में दी जाए।
दीवारों पर रंग-रोगन के नाम पर करोड़ों का खेल
जलविहार स्थित परिषद की बैठक में स्वच्छता सर्वेक्षण,आउटसोर्स व जेडओ के कार्य को लेकर चर्चा करते हुए पार्षदों ने कहा कि सीएंडी वेस्ट सेंटरों,शहर की सडक़ें व कचरा वाहनों की स्थिति खराब पड़ी हुई हंै। शहर में 12 सीएंडी वेस्ट हैं पर ये सिर्फ दिखावे के है। स्वच्छता के नाम पर शहर की दीवारों पर रंग-रोगन करने में करोड़ों रुपए का खेल हो रहा है,इसके लिए जांच कमेटी गठित की जाए। सभी वार्ड में सफाईकर्मचारियों की काफी कमी है इसलिए इनकी संख्या बढ़ाई जाए तभी स्वच्छता में हम बेहतर स्थान प्राप्त कर सकेंगे। सभापति ने आयुक्त को निर्देश दिए कि क्षेत्रीय कार्यालय निर्माण कार्य व पद सहित अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी जाए व निर्माण कार्यों की सही मॉनिटरिंग की जाए।
"निगम आयुक्त सभी वार्डों में जहां कचरे के ढेर हो उन्हें तत्काल समाप्त करें, जिन वार्डों में हाथ ठेला पर कचरे के डिब्बे टूटे हैं उनको बदला जाए और नाला नालियों की सफाई के उपरांत निकाली गई सिल्ट को तत्काल उठवाया जाए। जहां भी बीट खाली है वहां कर्मचारी पदस्थ किए जाए। स्वच्छता सर्वेक्षण के दो वर्षों की जानकारी 1 माह में दी जाए।"
मनोज तोमर, अध्यक्ष नगर निगम
"जब भी आउटसोर्स की बात होती है अथवा कोई बड़ा मुद्दा होता है तो सत्ता पक्ष के लोग केन्द्रीय मंत्री व वरिष्ठ नेतृत्व का नाम लेते हैं। यदि ऐसा ही रवैया इनका रहेगा तो हम भी कमलनाथ, सोनिया गांधी, राहुल उर्फ पप्पू भैया का नाम लेंगे।"
हरीपाल, नेताप्रतिपक्ष