झांसी/ ग्वालियर। झांसी-कानपुर रेल ट्रैक पर 20 नवंबर को तड़के करीब 3.10 बजे पुखरायां व मलासा रेलवे स्टेशन के बीच 145 से ज्यादा यात्रियों की मौत का कारण बने इंदौर-पटना एक्सप्रेस ट्रेन हादसे की पहली गाज झांसी के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) एसके अग्रवाल पर गिरी है। उनका तबादला रांची कर दिया गया है। उनकी जगह इलाहाबाद से सी एमपी (डीजल) एके मिश्रा को प्रभारी बनाकर भेजा गया है। वहीं, पांच लापरवाह अफसरों पर निलंबन की कार्रवाई की गई है।
ड्राइवर की शिकायत को गंभीरता से नहीं लेना पड़ा मंहगा: भीषण ट्रेन हादसे को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। ट्रेन ड्राइवर का बयान सामने आया। इसमें ट्रेन के झांसी स्टेशन से कुछ दूर निकलते ही गड़बड़ी की आशंका जताई गई थी।
लेकिन अधिकारियों ने ड्राइवर की बात को गंभीरता से न लेते हुए गाड़ी को कानपुर तक ले जाने की बात कही। यह लापरवाही 145 से ज्यादा जिंदगी निगल गई। हालांकि, इस मामले की अभी जांच की जा रही है। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने उच्च स्तरीय जांच का ऐलान किया था। इसके साथ ही लोकसभा में भी समग्र जांच का भरोसा दिलाया था। सोमवार को लोकसभा में दिए गए बयान के बाद मंगलवार को पहली बड़ी कार्रवाई की गई है।
अज्ञात रेल कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज: इंदौर-पटना एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारणों की जांच रेलवे द्वारा शुरू की गई है। इसके साथ ही इस मामले में रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने भी लापरवाही बरतने वाले अज्ञात रेल कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। जांच में नाम सामने आने पर संबंधितों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।