26 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दो मार्च से थम सकते हैं बसों के पहिए, होली पर परेशान होंगे यात्री

शासन के नोटिफिकेशन से बवाल, आरोप- नई नीति से बढ़ेगा किराया, यात्रियों पर पड़ेगा बोझ

2 min read
Google source verification
दो मार्च से थम सकते हैं बसों के पहिए, होली पर परेशान होंगे यात्री

दो मार्च से थम सकते हैं बसों के पहिए, होली पर परेशान होंगे यात्री

ग्वालियर. मध्य प्रदेश शासन द्वारा परिवहन विभाग के माध्यम से जारी स्टेट कैरिज बसों के संचालन के नोटिफिकेशन के विरोध में बस ऑपरेटरों ने मोर्चा खोल दिया है। ग्वालियर-चंबल संभाग बस ऑपरेटर संगठन ने स्पष्ट कर दिया है कि निर्णय वापस नहीं लिया तो 2 मार्च से पूरे प्रदेश में अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।
संगठन के अध्यक्ष राघवेन्द्र सिंह तोमर और महामंत्री पदम गुप्ता ने पत्रकार वार्ता में बताया, नए आदेश के तहत प्रत्येक संभाग में बसों का संचालन एक ही कंपनी के अंतर्गत करना अनिवार्य किया है। उनका कहना है, इससे निजी बस ऑपरेटरों की स्वतंत्रता समाप्त हो जाएगी और छोटे ऑपरेटर आर्थिक रूप से कमजोर पड़ जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि यह व्यवस्था बड़े समूहों को लाभ पहुंचाने वाली है।
बस ऑपरेटरों के अनुसार वर्तमान में वे यात्रियों से लगभग 1.25 रुपए प्रति किलोमीटर की दर से किराया लेते हैं, नई नीति लागू होने पर किराया बढकऱ करीब 1.75 रुपए प्रति किलोमीटर तक पहुंच सकता है। परिवहन व्यवस्था में प्रतिस्पर्धा खत्म होने से किराए नियंत्रित नहीं रहेंगे। संगठन पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर जिलाधीशों को ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। जल्द ही मुख्यमंत्री से समय लेकर अपनी मांगों और आपत्तियों से अवगत कराया जाएगा। उनका कहना है कि शासन को इस निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। यदि 2 मार्च से प्रस्तावित हड़ताल होती है तो ग्वालियर-चंबल सहित पूरे मध्य प्रदेश में हजारों यात्री प्रभावित होंगे। इसी सप्ताह होली का त्योहार भी है, जिससे दूर-दराज के गांवों से आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। पत्रकार वार्ता में महामंत्री हरिशंकर ङ्क्षसह पटेल, गुडडू भटेले, देवेन्द्र जादौन उपस्थित थे।

ग्वालियर-चंबल संभाग में 1580 बसों के पहिए थमेंगे
बलवीर सिंह तोमर ने बताया, हड़ताल से ग्वालियर-चंबल संभाग की करीब 1580 बसें और प्रदेशभर की करीब 3200 हजार बसों के पहिए थम जाएंगे। त्योहार पर हड़ताल से यात्रियों को काफी परेशानी होगी, क्योंकि कई गांव ऐसे हैं जहां यात्री बसों के सहारे ही रहते हैं, ऐसे में त्योहार पर घर पहुंचा मुश्किल के साथ काफी महंगा भी पड़ेगा।