
GST
ग्वालियर। आमजन के घरों का बजट एक बार फिर से बिगड़ गया है। केंद्र सरकार की अधिसूचना के मुताबिक 18 जुलाई सोमवार से प्रीपैक्ड प्रोडक्ट पर 5 फीसदी जीएसटी वसूल प्रारंभ कर दी गई है। अनब्रांडेड प्रोडक्ट जो 25 किलो या उससे कम की पैकिंग में है, उस पर 5 प्रतिशत जीएसटी देना होगा। ऐसे में नए नियमों के तहत बाजार में बिकनेवाले ब्रांडेड पैक्ड फूड प्रोडक्ट के दाम बढ़ा दिए गए हैं। जिन जगहों पर पुरानी कीमत वाले पैकेट हैं उनसे कहा गया है कि वो उसमें 5 फीसदी जीएसटी जोड़कर ही बेचें। शहर में अधिकांश प्रोडक्ट पर सोमवार से बिलिंग नए रेट पर की जाने लगी है और मंगलवार से उपभोक्ताओं को भी नए रेट पर ही माल की खरीदी करनी पड़ेगी।
आजादी के पर बाद पहली बार अनाज पर टैक्स
ब्रांडेड आटा कारोबारी मोहन गर्ग ने बताया कि आटा, रवा, मैदा पर 5 फीसदी जीएसटी लागू कर दिया गया है। ऐसे में 120 रुपए का 5 किलो आटे का पैकेट 126 रुपए, 235 रुपए का 10 किलो वाला आटे का पैकेट 250 रुपए का हो गया है। रवा-मैदा का 25 रुपए का एक किलो वाला पैकेट अब 26 रुपए का कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद देश में पहली बार अनाज या अन्य खाद्य पदार्थों पर टैक्स लगाया गया है। इससे पहले कभी भी दाल, चावल, आटा, गेंहू, मैदा, सूजी पर टैक्स नहीं लगा है। ब्रांडेड एफएमसीजी प्रोडक्ट विक्रेता जितेन्द्र आहूजा ने बताया कि अभी तक पुराने माल का स्टॉक निकाल रहे थे, लेकिन कल से कंपनी वालों ने नए रेट पर देने के लिए कहा है।
ऐसे महंगे हुए दही और छाछ
अमूल ग्वालियर संभाग के शाखा प्रबंधक कुमार संजय ने बताया कि जीएसटी लगने के बाद पैक्ड मिल्ट प्रोडक्ट पर नए दाम लागू कर दिए हैं। सोमवार से बिलिंग नए रेट पर की जाएगी और मंगलवार से उपभोक्ताओं को इसी रेट पर माल खरीदना होगा। नए रेट में 200 ग्राम दही पाउच 16 से 17 रुपए, दही 400 ग्राम 30 से 32 रुपए, दही एक किलो 65 से 69 रुपए, छाछ (मठा) नमकीन 180 एमएल 6 से 7 रुपए, छाछ (मठा) नमकीन 380 एमएल 10 से 11 रुपए, बटर मिल्क छाछ (मठा) 750 एमएल 20 से 21 रुपए और छाछ (मठा) 500 एमएल 15 से 16 रुपए हो गई है। वहीं ग्वालियर दुग्ध संघ के सीइओ अनुराग सिंह सेंगर ने बताया कि 5 फीसदी जीएसटी को लेकर आज हमने बैठक की थी और कल मुख्यालय से अनुमति आते ही इसे नए रेट लागू कर देंगे।
किस पर जीएसटी, किस पर नहीं
- खुले में बिना पैकिंग बेच रहे हैं तो अभी उस पर जीएसटी नहीं लगेगा।
- कोई आइटम सादे या जूट बैग में बिना किसी लेबल बेचते हैं तो नहीं लगेगा।
- लेबल लगाकर संस्था का नाम लिख रहे हैं तो उसमें जीएसटी लगेगा।
- 25 किलो से ज्यादा पैकिंग तो जीएसटी नहीं लगेगा। लेकिन ब्रांडेड में लगेगा।
ई-वे बिल अनिवार्य
एमपी टैक्स लॉ बार ऐसोसिएशन के उपाध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश के अंदर एक जिले से दूसरे जिले में 1 लाख रुपए से अधिक कीमत का माल ले जाने पर और मध्यप्रदेश से किसी अन्य प्रदेश में 50 हजार रुपए से अधिक का माल ले जाने पर अब इ-वे बिल अनिवार्य हो गया है।
Published on:
19 Jul 2022 12:57 pm
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