
ऑनलाइन खाता नहीं, एटीएम नंबर भी किसी को नहीं बताया फिर भी खाते से निकल गए गए रुपए
ग्वालियर। टे्रनिंग पर सागर गए जीआरपी के हवलदार के खाते से ठगों ने 52 हजार 600 रुपए पार कर दिए। हवलदार का कहना है कि जिस खाते से पैसे चोरी हुए हैं, उसका एटीएम उनके पास था। उसका नंबर भी किसी को नहीं बताते हैं, उनका कोई ऑनलाइन एकाउंट भी नहीं हैं, फिर खाते से रकम कैसे निकल गई। बैंक अधिकारियों से पूछा लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
हवलदार सत्यदेव शुक्ला ने बताया कि मेला ग्राउंड की एसबीआइ शाखा में उनका एकाउंट है, उसमें ही सैलरी आती है। खाते से रकम 2 सितंबर को रात करीब 11:45 बजे चोरी हुई। ठगों ने चार बार में पैसे निकाले। उस वक्त वह पुलिस ट्रेनिंग स्कूल सागर में थे। रात में मैसेज आए तो उन्हें ज्यादा समझने की कोशिश नहीं की, सभी संदेश इंग्लिश में थे, तो सुबह साथियों को बताए। सहकर्मियों ने यह कहकर टाल दिया कि बैंक ने कुछ पैसे इधर-उधर किए हैं, चिंता की बात नहीं है। घर लौटकर पैसों की जरूरत पड़ी तो बुधवार को सैलरी निकालने के लिए बैंक गए। वहां पता चला कि खाते में सिर्फ 18 रुपए 75 पैसे बचे हैं, बाकी सारे पैसे दिल्ली से विड्रॉल किए जा चुके हैं। जिस खाते में रकम गई है, वह भी बैंक वालों ने बता दिया। गुरुवार को एएसपी क्राइम पंकज पांडेय को जानकारी दी, उन्होंने गोला का मंदिर थाने में एफआइआर के लिए कहा है।
इसी बैंक से पहले भी उड़ाए तीन लाख
एसबीआइ की मेला ग्राउंड शाखा में जीआरपी के दूसरे हवलदार के साथ ठगी की वारदात सामने आई है। इससे पहले हवलदार रामदास जाटव के खाते से भी ठगों ने तीन लाख रुपए चुराए थे। पैसे चुराने वालों का कुछ पता नहीं चला है। रामदास को ठगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने में भी परेशान होना पड़ा था। अब फिर उसी बैंक में एक और हवलदार के खाते से रकम चोरी होने पर बैंक में ग्राहकों की जमा पूंजी की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
बैंक में ठगों का मुखबिर होने का शक
ठगी के शिकार हवलदार सत्यदेव के मुताबिक उन्हें आशंका है कि खातों से पैसा चोरी करने वालों का मुखबिर बैंक में मौजूद है, उसे पता रहता है कि किस ग्राहक का एटीएम कोड क्या है और उसके खाते में कितनी रकम है।
Published on:
06 Sept 2019 06:04 am
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