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12 दिनों तक झेला ध्वनि प्रदूषण, निर्धारित मानक से था दोगुना

नगर निगम के 66 वार्डों में निवासरत 10 लाख 68 हजार 267 मतदाताओं तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए 358 पार्षद और 7 महापौर प्रत्याशियों ने 12 दिन तक लगातार...

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12 दिनों तक झेला ध्वनि प्रदूषण, निर्धारित मानक से था दोगुना

ग्वालियर. नगर निगम के 66 वार्डों में निवासरत 10 लाख 68 हजार 267 मतदाताओं तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए 358 पार्षद और 7 महापौर प्रत्याशियों ने 12 दिन तक लगातार 120 डेसिबल से ज्यादा शोर किया। यह शोर प्रत्याशियों के प्रचार वाहनों और सभाओं की वजह से हुआ। राजनीतिक दलों ने प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड द्वारा निर्धारित मानकों को ताक पर रखकर हर दिन 24 घंटे में 8 से 10 घंटे तक बच्चे, बुजुर्ग और गृहिणियों को लगातार परेशान रखा। डीजे, माइक, तुरही के शोर से मतदाताओं सहित शहर के 14 लाख लोग लगातार परेशान रहे हैं। प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अनुसार चुनाव प्रचार के दौरान शहर का ध्वनि प्रदूषण चार गुना तक बढ़ा है। अब सोमवार को शाम पांच बजे प्रचार थमने के साथ ही ध्वनि प्रदूषण में कमी आई और सामान्य स्तर तक पहुंच गया है इसक साथ ही अब आम जन ने भी राहत की सांस ली है।


सबसे ज्यादा घातक डीजे
नियमानुसार दो साउंड बॉक्स लगाने की अनुमति है, लेकिन प्रत्याशियों ने डीजे का उपयोग किया। रैलियों में आठ से दस साउंड बॉक्स लगाए गए। 150 डेसिबल तक की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास की कम से कम 500 मीटर परिधि में लोगों की परेशानी का कारण बनी रही। लगातार हुए नियमों के उल्लंघन को निर्वाचन विभाग द्वारा मॉनिटङ्क्षरग के लिए नियुक्त की गई टीमों ने भी रिपोर्ट नहीं किया। अब अधिकारी कह रहे हैं कि अगर कोई शिकायत करता तो कार्रवाई जरूर होती।


शोर के लिए इतने जिम्मेदार
नगर निगम में महापौर के 7 और पार्षद के 358 प्रत्याशी, नगर पालिका डबरा में पार्षद के 146 प्रत्याशी, नगर परिषद आंतरी में पार्षद के 37 प्रत्याशी, नगर परिषद भितरवार में पार्षद के 83 प्रत्याशी, नगर परिषद बिलौआ में पार्षद के 62 प्रत्याशी, नगर परिषद पिछोर में पार्षद के 50 प्रत्याशी, नगर परिषद मोहना में पार्षद के 80 प्रत्याशी मतदाताओं को लुभाने के लिए प्रचार के नाम पर कानों को नुकसान पहुंचाने का काम करते रहे हैं।

इनका कहना है
प्रचार के लिए प्रत्याशियों ने अनुमतियां ली थीं। अब प्रचार बंद हो चुका है। इस अवधि में शोर की शिकायतें नहीं आईं, शिकायतें आतीं तो निश्चित हम कार्रवाई करते।
कौशलेन्द्र विक्रम ङ्क्षसह, जिला निर्वाचन अधिकारी

चुनाव प्रचार के दौरान ध्वनि प्रदूषण को लेकर अब तक किसी भी प्रकार की शिकायत हमारे पास नहीं आई है। प्रशासन के द्वारा ही इन पर कार्रवाई की जाती है।
एचएस मालवीय, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड