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खरगोन की सेंचुरी मिल की संपत्ति का आंकलन कम करने के मामले में राजस्व मंडल से नोटिस जारी

राजस्व मंडल ने उस मामले में सेंचुरी मिल प्रबंधन व मनजीत कंपनी को नोटिस जारी कर दिए हैं, जिसमें स्टांप ड्यूटी श्रमिक संघ ने स्टांप ड्यूटी चोरी का आरोप लगाया है। इस केस में नर्मदा बचाओ आंदोलन की प्रमुख मेधा पाटकर ने श्रमिकों का पक्ष रखा।

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revenue board gwalior

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राजस्व मंडल ने उस मामले में सेंचुरी मिल प्रबंधन व मनजीत कंपनी को नोटिस जारी कर दिए हैं, जिसमें स्टांप ड्यूटी श्रमिक संघ ने स्टांप ड्यूटी चोरी का आरोप लगाया है। इस केस में नर्मदा बचाओ आंदोलन की प्रमुख मेधा पाटकर ने श्रमिकों का पक्ष रखा।

मेधा पाटकर ने बताया कि खरगोन की सेंचुरी की दो मिल हैं। सेंचुरी यार्ड व सेंचुरी डेनिम। इन मिल को पहले 2017 में ढाई करोड़ रुपए में बेचा गया। इसे बेचने में बड़ा फ्रॉड हुआ। फ्रॉड के चलते सौदा रद्द हो गया। दुबारा जब मिल की संपत्ति बिकी, तब उसका आंकलन 62 करोड़ रुपए किया गया। मिल के पास 83 एकड़ भूमि है। गेस्ट हाउस, क्वार्टर, प्लांट सहित अन्य संपत्तियां मौजूद थी। यह मामला हाईकोर्ट में पहुंचा तो मिल की कीमत 426 करोड़ रुपए निकल कर आई, लेकिन मिल का विक्रय 62 करोड़ में किया गया। इसमें स्टांप ड्यूटी चोरी की गई। स्टांप ड्यूटी चोरी को लेकर कलेक्टर ऑफ स्टांप के यहां आवेदन लगाया। कलेक्टर ऑफ स्टांप ने आवेदन खारिज कर दिया। इसके खिलाफ राजस्व मंडल में अपील दायर की है। पाटकर का कहना है कि दिसंबर में अपील दायर की गई थी, लेकिन पक्षकारों को नोटिस जारी नहीं किए गए हैं। सेंचुरी मिल प्रबंधन व मनजीत कंपनी को नोटिस जारी हुए हैं। उनका कहना है हम मजदूरों की लड़ाई लड़ रहे हैं।

स्वर्ण रेखा अब नहीं है, इसे बर्बाद कर दिया

मेधा पाटकर ने स्वर्ण रेखा नदी को लेकर कहा कि ये नदी नहीं रही है। इसे बर्बाद कर दिया है। सीवर बह रहा है। इसके बीच से पुल बनाया जा रहा है। मिट्टी के ढेर लगे हैं। पिलर खड़े कर दिए हैं। नदी को बर्बाद कर दिया है।

- अकेली स्वर्ण रेखा की ऐसी स्थिति नहीं है। हर नदी की स्थिति खराब है। नर्मदा नदी भी दूषित हो चुकी है।