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जिला पंचायत: पेयजल की 293 शिकायतें आईं, 283 निराककृत, 77 नई योजनाओं के लगे टैंडर

-सामान्य सभा की बैठक में दी अधिकारियों ने जानकारी
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ग्वालियर

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Dharmendra Kumar Trivedi

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Updated: 24 Jun 2023, 11:26 PM IST

जिला पंचायत: पेयजल की 293 शिकायतें आईं, 283 निराककृत, 77 नई योजनाओं के लगे टैंडर

जिला पंचायत: पेयजल की 293 शिकायतें आईं, 283 निराककृत, 77 नई योजनाओं के लगे टैंडर

श्योपुर। गर्मी में जल समस्या का समाधान करने के लिए ब्लॉक लेबल पर तीन कंट्रोल रूम बने हैं। इन पर 293 शिकायतें आई हैं और 283 को निराकृत कर दिया गया है। 10 शिकायतें एसी हैं जिनमें नीतिगत निर्णय होने हैं। जबकि आने वाले समय में जल समस्या का निदान करने के लिए अभी 77 नई नल जल योजनाओं के टैंडर लगाए गए हैं। यह जानकारी विभागीय अधिकारियों ने जिला पंचायत अध्यक्ष गुड्डी बाई आदिवासी को दी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आयुष्मान कार्ड का वितरण 27 जून को विशेष ग्राम सभाओं में कराया जाएगा। महिला बाल विकास के अधिकारियों ने लाडली बहना योजना के हितग्राहियों को राशि पहुंचाने के संबंध में बताया।

शनिवार को जिला पंचायत के सभागार में सामान्य सभा की बैठक हुई। बैठक में जिपं अध्यक्ष के अलावा सीईओ अतेन्द्र सिंह गुर्जर, डीपीओ ओपी पांडेय, उपाध्यक्ष नीरज जाट, सदस्य सुरेश लालावत, गिरधारी बैरवा, कलावती बाई, कविता आर्य और संदीप शाक्य सहित विभागीय अधिकारी मौजूद थे। जिपं अध्यक्ष ने गांवों में पेयजल समस्या का निराकरण करने के लिए हैंडपंप खनन, सिंगल फेस मोटर डालने के साथ ही अन्य कामों को भी लगातार जारी रखने के निर्देश दिए।


यह बताया अधिकारियों ने
पीएचई
-कार्यपालन यंत्री महिपत अगरैया ने बताया कि वर्तमान में 327 नल जल योजनाएं स्वीकृत हैं। इनमें से 97 पूरी हो चुकी हैं और 151 प्रगतिरत हैं। 77 के टैंडर लगाए जा चुके हैं। नवीन बसाहटों में 90 हैंडपंप का लक्ष्य था, इसमें से 49 का खनन किया जा चुका है। जल जीवन मिशन में 282 नलपूक का लक्ष्य था, 170 का खनन हो ुचुका है। जबकि पूर्व में जिले में स्थापित 6416 हैंडपंप में से 6296 पानी दे रहे हैं और 120 बंद हैं।


स्वास्थ्य
-जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ जेएन सक्सैना ने बताया कि शत प्रतिशत टीकाकरण हो रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के अलावा 16 अन्य स्थानों पर प्रसूति की सुविधा है। संस्थागत प्रसव 90 प्रतिशत से अधिक हो गया है। सेसईपुरा, कालीतलाई, आवदा के बाद अब गसवानी, उमरीकलां, पहेला एवं गिरधरपुर में डिलेवरी पॉइंट बन रहे हैं। जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत 9867 और प्रसूति सहायता योजना के अंतर्गत 4821 प्रसूताओं को 4 करोड़ रुपए से अधिक की राशि का लाभ दिया जा चुका है।