29 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

चंबल प्रोजेक्ट में घडिय़ाल सेंचुरी का एक किलोमीटर एरिया

चंबल से पानी लाने के लिए वन विभाग की एनओसी के लिए निगम अफसरों ने विभाग की टीम के साथ चंबल नदी से बानमोर तक सर्वे किया, इसमें सामने आया कि प्रोजेक्ट में वन क्षेत्र नहीं आ रहा है, केवल चंबल घडिय़ाल सेंचुरी के करीब एक किलोमीटर के दायरे में पाइप लाइन डाली जाएगी

2 min read
Google source verification
chambal project

चंबल प्रोजेक्ट में घडिय़ाल सेंचुरी का एक किलोमीटर एरिया

ग्वालियर। चंबल प्राजेक्ट में वन विभाग की भूमि नहीं आ रही है, केवल चंबल घडिय़ाल सेंचुरी का करीब एक किलोमीटर एरिया इसमें आ रहा है, जिसमें पाइप लाइन डाली जाएगी। चंबल से पानी लाने के लिए वन विभाग की एनओसी के लिए निगम अफसरों ने विभाग की टीम के साथ चंबल नदी से बानमोर तक सर्वे किया, इसमें सामने आया कि प्रोजेक्ट में वन क्षेत्र नहीं आ रहा है, केवल चंबल घडिय़ाल सेंचुरी के करीब एक किलोमीटर के दायरे में पाइप लाइन डाली जाएगी, जिसमें हाइवे के एक ओर मुरैना की पाइप लाइन आएगी और हाइवे के दूसरी ओर सडक़ किनारे ग्वालियर के लिए पाइप लाइन आएगी।

अब नगर निगम को केवल धडिय़ाल सेंचुरी में से पानी की पाइप लाइन डालने के लिए अनुमति लेनी होगी। शुक्रवार को किए गए सर्वे के दौरान वन विभाग की सीमाओं पर लगी मुड्ढियों से रोड तक की दूरी का आंकलन करने के बाद वन विभाग मुरैना के एसडीओ ने कहा कि एनओसी के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए नगर निगम की ओर से शनिवार को ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सर्वे के दौरान वन विभाग के कंपार्टमेंट एरिया 8,9, 11 को भी चेक किया गया। सर्वे के दौरान अधीक्षण यंत्री पीएचई आरएलएस मौर्य, केके अग्रवाल, जलज पााराशर आदि मौजूद रहे।


ऐसे समझें चंबल प्रोजेक्ट
लागत-398.45 करोड़
पानी-150 एमएलडी
दूरी -65 किलोमीटर
पाइप का आकार-1500 एमएम व्यास की पाइप लाइन
कॉमन इंटेक वेल-250 एमएलडी का लगेगा


अब तक
25 जुलाई 2018 को एनसीआरपीबी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, योजना बोर्ड की बैठक हुई, जिसमें 298.84 करोड़, जो कि 75 प्रतिशत राशि है, का लोन 15 वर्ष के लिए स्वीकृत किया गया। 7 प्रतिशत की ब्याज दर तय की गई।
-60 करोड़ (15 प्रतिशत लोन की राशि) का अनुदान तय शर्तों पर काम पूरा करते हैं तो मिलेगा।
-7 सितंबर को टेंडर आमंत्रित किए गए।

ऐसे होगा खर्च
33.72- करोड़ में कॉमन हेड वर्क।
-52.18- करोड़ पंपिंग मशीन, विद्युत सब स्टेशन, ट्रंासमिशन लाइन।
-1.25- करोड़ स्काडा सिस्टम।-4.50- करोड़ यूटिलिटी स्थानांतरण व सर्वे कार्य।
-8.67- करोड़ आकस्मिक व्यय।
-8.67- करोड़ विभिन्न विभागों के व्यय व कंपनसेशन।
-356.70- करोड़ कुल व्यय डीएसटी छोडकऱ।
-41.76- करोड़ जीएसटी 12 प्रतिशत
-398.46 करोड़ कुल योग

Story Loader