-कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की कार्यशाला आयोजित
श्योपुर। कर्मचारी भविष्य निधि छोटे कर्मचारियों के जीवनयापन का महत्वपूर्ण अंग है। भविष्य निधि जमा होने से कर्मचारियों का भविष्य कुछ हद तक सुरक्षित होता है। निकाय में कार्यरत ठेकेदार अपने कर्मचारियों की भविष्य निधि नियमित रूप से जमा कराएं। जिन कर्मचारियों की केवायसी में उम्र संंबंधित दस्तावेजों को लेकर समस्या आ रही है और जिनके पास पुराने दस्तावेज नहीं है, उनके लिए वरिष्ठ स्तर पर अनुरोध करके मेडीकल बोर्ड के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। ठेकेदार भी इसमें सहयोग करें ताकि कर्मचारियोंं का भविष्य सुरक्षित रहे। यह बात कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की कार्यशाला में नगर पालिका सीएमओ सतीश मटसैनिया ने कही।
दरअसल, शासकीय विभागों में आउटसोर्स से कर्मचारी रखे गए हैं। इन सभी कर्मचारियोंं को ईपीएफओ पर केवायसी कराना अनिवार्य है।
दस्तावेज अपडेट न होने की वजह से कई कर्मचारियों को अपने ईपीएफ अपडेट की जानकारी नहीं मिल रही है। इनमें नगर पालिका के 125 कर्मचारी शामिल हैं। इन कर्मचारियों की समस्या का समाधान करने के लिए ईपीएफओ के माध्यम से कार्यशाला का आयोजन किया गया। नगर पालिका परिसर में हुई कार्यशाला में नपा सीएमओ सहित आउटसोर्स ठेकेदार मौजूद थे। इस दौरान ईपीएफओ के डीएनओ अनिरुद्ध आनंद ने बताया कि शासकीय निकाय ठेकेदारों को कर्मचारियों का ईपीएफ जमा कराने के बाद ही भुगतान करें ताकि बाद में कर्मचारी परेशान न हों। 27 फरवरी को अब फिर से कार्यशाला होगी।
यह दी जानकारी
-नगरपालिका और आउटसोर्स दोनों का 12-12 प्रतिशत भविष्य निधि जमा होता है।
-जिनके पास उम्र से संबंधित दस्तावेज नहीं है, उनकी आयु मेडीकल बोर्ड के जरिये प्रमाणित कराई जाएगी।
-कर्मचारियों को पुत्र-पुत्रियों के विवाह, आवास निर्माण सहित अन्य सुविधाओं के लिए मदद मिलती है।
-ईपीएफओ के माध्यम से पेंशन का लाभ भी दिया जाता है।
यह आ रही हैं परेशानियां
-आउटसोर्स कर्मचारियों के दस्तावेज पूरे न होने की वजह से ईकेवायसी नहीं हो पा रही है। ईकेवायसी न होने की वजह से जो पीएफ जमा हो रहा है,उसका अपडेट पोर्टल पर नहीं दिख रहा। कई सफाई कर्मियों के उम्र संबंधित दस्तावेज उपलब्ध न होने की वजह से ठेकेदार और कर्मचारी परेशान हो रहे हैं।