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पड़ाव आरओबी : 10 फरवरी तक चालू हो सकता है एक तरफ का यातायात

पड़ाव आरओबी : 10 फरवरी तक चालू हो सकता है एक तरफ का यातायात

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पड़ाव आरओबी : 10 फरवरी तक चालू हो सकता है एक तरफ का यातायात

ग्वालियर. पड़ाव आरओबी के धनुषाकार गर्डर को इन दिनों दूसरे छोर पर पहुंचाने का काम चल रहा है। गुरुवार को इसके निरीक्षण के लिए झांसी मंडल के डीआरएम एके मिश्रा और प्रिंसिपल चीफ इंजीनियर एके लाहोटी इलाहाबाद से ग्वालियर आए। सुबह बुंदलेखंड एक्सप्रेस से आने के बाद प्रिंसिफल चीफ इंजीनियर सीधे पड़ाव आरओबी पर पहुंचे। उन्होंने रेलवे के इंजीनियरों से कार्य की गति के बारे में जानकारी ली। दोपहर 3 बजे डीआरएम और प्रिंसिफल चीफ इंजीनियर रेलवे अधिकारियों के साथ फिर आरओबी पर पहुंचे और धनुषाकार गर्डर को खींचने के कार्य का जायजा लिया। वह करीब एक घंटे तक यहां रहे। काम पूरा होने के बाद 10 फरवरी तक आरओबी के एक तरफ के हिस्से पर ट्रैफिक शुरू हो सकता है।

63 में से 19 मीटर खिसका गर्डर
पड़ाव आरओबी पर गुरुवार को धनुषाकार गर्डर को खींचने का काम सुबह 11 बजे शुरू किया गया। शताब्दी एक्सप्रेस के निकलने के बाद और दोपहर 3 बजे धनुषाकार हिस्से को खींचने के दौरान रेलवे इंजीनियरों के साथ अधिकारी मौजूद रहे। गुरुवार को धनुषाकार हिस्से को 19 मीटर तक खींचा गया। 63 मीटर में से अब तक 19 मीटर खींचा जा चुका है। धनुषाकार हिस्से को खींचने के लिए लगाई गई बिंच मशीन में शॉर्ट सर्किट होने से वह जल गई, इसके चलते शाम को यह धनुषाकार हिस्सा ज्यादा नहीं खींचा जा सका।

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मशीन ठीक होने पर लेंगे आज ब्लॉक
धनुषाकार हिस्से को खींचने के लिए बिंच मशीन का इलेक्ट्रॉनिक पाट्र्स दिल्ली से आना है। अगर यह शुक्रवार को ग्वालियर आ गया तो रेलवे के इंजीनियर ब्लॉक लेकर इस काम को शुरू करेंगे। अगर नहीं आ पाया तो शनिवार को ब्लॉक लिया जाएगा। इंजीनियरों की मानें तो शुक्रवार को दोपहर मंगला एक्सप्रेस के बाद ब्लॉक लेकर काम को पूरा किया जाएगा।

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साढ़े तीन घंटे तक रहे अधिकारी
पड़ाव आरओबी पर सुबह और दोपहर में लगभग साढ़े तीन घंटे तक रेलवे के अधिकारी आरओबी की व्यवस्थाओं को देखते रहे। सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दोपहर 2 बजे से 3.30 बजे तक डीआरएम और प्रिंसिपल चीफ इंजीनियर के साथ उपमुख्य अभियंता निर्माण एसके मिश्रा व अन्य इंजीनियर आरओबी के धनुषाकार हिस्से को देखते रहे।