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जज्बा कुछ नया करने का... 50 की उम्र में भी नहीं रूक रहे कदम

locationग्वालियरPublished: Nov 24, 2023 09:50:05 pm

माउंट एवरेस्ट फतह करने के बाद फिर नया रिकॉर्ड बनाने की तैयारी

Passion to do something new
भगवान सिंह रोज 75 से 100 किलोमीटर साइकिल और रनिंग भी करते हैं
यदि आपके मन में कुछ नया करने का जज्बा हो तो उम्र आड़े नहीं आती है। इस का उदाहरण है भगवान सिंह। प्रदेश से पहली बार किसी ने माउंट एवरेस्ट फतह की वह भगवान सिंह ही थे। 50 की उम्र में भगवान का जज्बा कम नहीं हुआ और लगातार कुछ नया करने के लिए उनके कदम नहीं रूक रहे हैं। वर्ष-2024 में एक नया रिकॉर्ड बनने की तैयारी में जुटे हैं। रोज करीब 100 किलोमीटर साइकिलिंग और 35 से 40 किलोमीटर रनिंग कर रहे हैं। ग्वालियर में पले-बढ़े भगवान सिंह वर्तमान में भोपाल में खेल एवं युवा कल्याण विभाग में पदस्थ है। ग्वालियर में आने के बाद भी वे प्रैटिक्स करना नहीं छोड़ते हैं।
हर साल एक नया लक्ष्य लेकर तैयारी
भगवान सिंह कहते हैं कि यदि आप छोटे-छोटे लक्ष्य तय कर तैयारी करेंगे तो सफलता आपको अवश्य हासिल होगी। इस ध्येय को ध्यान में रखकर भगवान रोज प्रैटिक्ट करने मैदान में दिख जाएंगे। वे रोज 100 मीटर साइकिलिंग और करीब 35 से 40 किलोमीटर रनिंग करते हैं। सप्ताह में दो बार 3 घंटे जिम और 200 किलोमीटर साइकिल चलाते हैं। हर साल वे एक नया लक्ष्य तय करते हैं और उसको हासिल करने के लिए रोज प्रैटिक्स करते हैं।
7 नेशनल रिकॉर्ड बना चुके हैं भगवान
भगवान सिंह ने दुनिया की सबसे ऊंची सडक़ (19024 फीट) उमलिंगला की चढ़ाई को साइकिल से मात्र चार दिन में पूरा किया था। यह सडक़ माउंट एवरेस्ट के बेस कैंप से ऊपर है। यहां तक अब तक भगवान सिंह के अलावा दो अन्य प्रतिभागी पहुंच सके हैं, जिसमें मप्र से भगवान पहले हैं। लगातार बेहतर प्रदर्शन पर भगवान को मप्र सरकार ने वर्ष-2023 में विक्रम अवार्ड से भी नवाजा। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर कई प्रतियोगिताओं में चैंपियन बन चुके हैं। उनके घर में सामान से ज्यादा ट्रॉफी और मेडल ही हैं।
फिटनेस को बढ़ावा देना उद्देश्य
भगवान सिंह रोज 75 से 100 किलोमीटर साइकिल और रनिंग भी करते हैं, यदि बहुत ज्यादा जरूरत होती है तभी वाहन का उपयोग करते हंै। साइकिलिंग को बढ़ाना देने के उद्देश्य से ऐसे अभियानों में भाग लेते हैं। उनका मानना है, यदि लोग रोज साइकिल चलाएंगे तो प्रदूषण तो कम होगा। साथ ही सेहत भी बनी रहेगी और पैसे की भी बचत होगी। जैसे लोगों के पास एक वाहन होता है वैसे ही उसे एक साइकिल भी खरीदना चाहिए, जिससे वह आस-पास के काम साइकिल से कर सके। साथ लोग फिट भी रहे सकेंगे।

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