
फ्रॉड का पैसा समेटने आई थी गैंग
होटल एचजी हैरीटेज के रुम नंबर 101 से शनिवार को पकड़े गए साइबर ठग अब सारे राज खोल रहे हैं। ठगों का सरगना फैसलाबाद पाकिस्तान से उन्हें फरमान देता था। उसके इशारे में गिरोह म्यूल खातों से पैसा समेट कर उस तक पहुंचाती थी। ग्वालियर में भी यह लोग ठगी की पैसा समेटने आए थे। लेकिन आपसी फूट हो गई तो पुलिस को होटल में उनकी मौजूदगी पता चल गई। चारों ठगों को दो दिन की रिमांड पर लिया है। ठगों की टोली में धौलपुर पुलिस के हवलदार का बेटा भी शामिल है।
कैलाश विहार (सिटी सेंटर) के होटल एचजी हैरीटेज से पकड़े गए साइबर ठगों का लोकल सरगना अजय(24) पुत्र बनवारी लाल शर्मा निवासी एटीएम वाली गली, ओलेंडा रोड धौलपुर (राजस्थान) है। उसके मोबाइल से 92 कंट्री कोड पाकिस्तानी व्हाटसएप नंबर पर बातचीत का लंबा चौड़ा ब्यौरा निकला है। अजय ने खुलासा किया डिजिटल ठगी का डॉन फैसलाबाद(पाकिस्तान) से गैंग को ऑपरेट करता है। उसे शक्ल से कभी नहीं देखा फोन पर बात होती है। बडे भाई के नाम से उसे बुलाता है। अजय के फोन में पाकिस्तानी ठग का नंबर भी इसी नाम से दर्ज है।
ठगों ने खुलासा किया साइबर फ्रॉड का 5 लाख रुपया ग्वालियर से खरीदे म्यूल खातों में आया था। पाकिस्तान से अजय शर्मा को पैसा निकालने का फरमान मिला था। इसलिए टोली ग्वालियर आई थी । तीन दिन से होटल एची हैरीटेज के रुम नंबर 101 में ठहरी थी। जिन खातों में ठगी रकम आई थी वह सभी बचत खाते हैं उनसे एक दिन में 40 हजार रुपए ही विड्रॉल हो रहे थे। इसलिए ठगों को सारी रकम समेटने के लिए यहां रुकना पड़ा।
होटल एचजी हैरीटेज में साइबर ठगों की टोली ठहरी है। इसकी भनक किसी को नहीं थी। शनिवार को पैसों को लेकर ठगों के बीच विवाद हो गया। गैंग के कुछ लोग पैसा लेकर चंपत हो गए निकलने से पहले इनमें एक ने पुलिस को बाकी साथियों की होटल में मौजूदगी बता दी।
ठग अजय शर्मा खुलासा कर रहा है पिता बनवारी लाल ट्रक चलाते हैं। उसे महंगे शौक है। उन्हें पूरा करने पैसों की जरुरत थी। धौलपुर में रहने वाले दोस्त ने साइबर ठगी के धंधे से जोड़ा उसने ही पाकिस्तानी सरगना से जोड़ा बड़े भाई (पाकिस्तानी ठग) ने उसे म्यूल खाते खरीदने और ठगी का पैसा इक्टठा करने का काम सौंपा था इसके एवज में उसे ठगी की रकम पर पांच प्रतिशत कमीशन मिलता था। धंधे में मुनाफा हुआ तो गिरोह बढ़ा रहा था ।
गैंग को लोकल सरगना अजय शर्मा ऑपरेट कर रहा था। उसके साथ धौलपुर पुलिस में पदस्थ हवलदार नेमचंद शेखवार का बेटा सौरभ (23) भी शामिल था। इन लोगों ने टेलीग्राम के जरिए अंकित (21) निवासी अपना घर कॉलोनी शताब्दीपुरम और सौरभ (22) पुत्र शिवकुमार श्रीवास निवासी गोपालपुरा पोरसा मुरैना को गिरोह में शामिल किया। इन दोनों का काम म्यूल खाते का इंतजाम करना था।
होटल एचजी में साइबर ठगों की टोली फर्जी आइडी से रुकी थी। उसकी भनक तक पुलिस को नहीं लगी। अब पुलिस अधिकारियों का कहना है इससे पहले भी होटल सें संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतें आई हैं। कुछ समय पहले सेक्स कारोबार से जुड़े लोगों की भी यहां आवाजाही इनपुट मिला था।
साइबर ठगों को दो दिन की रिमांड पर लिया है। गिरोह में कितने लोग और शामिल हैं इनका पता लगाया जा रहा है। रविवार को अवकाश होने की वजह से ठगों से मिले म्यूल खातों का ब्यौरा नहीं मिल सका है। गैंग के बाकी कनेक्शन पता लगाने के लिए टीम ठगों को धौलपुर ले जाएगी।
धर्मेन्द्र कुशवाह साइबर सेल निरीक्षक
Published on:
11 May 2026 12:44 pm
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