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वीर साथियों की याद दिलाता है पुलिस स्मृति दिवस

पुलिस स्मृति दिवस पर हुआ कार्यक्रम

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वीर साथियों की याद दिलाता है पुलिस स्मृति दिवस

वीर साथियों की याद दिलाता है पुलिस स्मृति दिवस

ग्वालियर. पुलिस स्मृति दिवस हमें उन वीर साथियों की याद दिलाता है। जिन्होंने समाज एवं देश के रक्षार्थ प्राण न्यौछावर किए हैं एवं आदर्श परम्परा को आगे बढाया। आज से 64 वर्ष पूर्व 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के दुर्गम बर्फीले क्षेत्र ’’हाट स्प्रिंग’’ में चीन की सशस्त्र सेना के साथ एक मुठभेड़ में भारत-तिब्बत सीमा पर केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के 10 बहादुर जवानों ने अपने सर्वोच्चय कर्तव्य का निर्वहन करते हुए प्राणों का बलिदान दिया था। तब से पुलिस स्मृति दिवस के रूप में मनाकर, हम अपने शहीद साथियों का स्मरण कर श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। यह बात 14 वीं बटालियन के कमाण्डेन्ट एसएएफ डॉ. शिव दयाल सिंह ने पुलिस स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में 14वीं वाहिनी विसबल के मैदान में कहीं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पुलिस महानिदेशक डी निवास वर्मा ने कहा कि देश के विभिन्न भागो मे अत्यन्त कठिन परिस्थितियों मे अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे अद्र्वसैनिक बलो तथा राज्यों के पुलिस बलो के अधिकारियो एवं जवानो को याद करते हए शहीद होने वाले अधिकारी एवं जवानो को श्रद्वांजली अर्पित की। इस अवसर पर
संभाग आयुक्त दीपक सिंह, उप पुलिस महानिरीक्षक कृष्णा वेणी देशावतु , उप पुलिस महानिरीक्षक ललित शाक्यवार , कमाण्डेन्ट 02रीं वाहिनी विसबल डॉ. राकेश कुमार सगर, पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह चन्देल , कमाण्डेन्ट 13वीं वाहिनी विसबल विनीत जैन व अन्य लोग शामिल हुए।
34897 पुलिस अधिकारी, जवान दे चुके है बलिदान
देश में 21 अक्टूबर 1959 से 31 अगस्त 2022 तक 63 वर्षो में कुल 34,897 पुलिस अधिकारी/जवान कर्तव्य के पथ पर प्राणों का बलिदान कर चुके हैं । पूरे देश में एक सितंबर 2022 ये 31 अगस्त 2023 तक कुल 188 पुलिस अधिकारी/जवान पूरे भारत वर्ष में शहीद हुए हैं। जिसमें मध्य प्रदेश के 17 बहादुर एवं कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों में निरीक्षक राजराम वास्कले, उनि भूपेन्द्र सिंह गुर्जर, सउनि रामजस शर्मा, सउनि कन्हैया लाल वास्कले, सउनि जसबंत कुमार टेकम आदि शामिल हैं। जिन्होंने कर्तव्य की बेदी पर अपने प्राणों का उत्सर्ग किया है।