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यहां जानिए कैसे होती है प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा,किन हथियारों का होता है यूज

यहां जानिए कैसे होती है प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा,किन हथियारों का होता है यूज

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यहां जानिए कैसे होती है प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा,किन हथियारों का होता है यूज

ग्वालियर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 नवंबर को मध्यप्रदेश के ग्वालियर चंबल संभाग के ग्वालियर जिले में विधानसभा चुनाव के चलते एक आमसभा को संबोधित करने आ रहे हैं। पीएम के आने के पहले सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के लिए सोमवार से ही एसपीजी (स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप) ने ग्वालिर में अपना डेरा जमा लिया है। प्रधानमंत्री की सुरक्षा जिम्मा एसपीजी संभालती है। हम आपको बता रहे हैं कि एसपीजी कैसे करती है प्रधानमंत्री की सुरक्षा करती है।

चप्पे-चप्पे पर रहती है पुलिस
प्रधानमंत्री मोदी के काफिले को लेकर दो जगह भी तय की जाती। मोदी किस रास्ते से जाएंगे यह किसी को भी पता नहीं रहता है। इतन ही नहीं पीएम जहां से गुजरते हैं वहां जमीन से लेकर आसमान तक चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जाती है। पीएम मोदी की सिक्योरिटी मनमोहन सिंह की तुलना में दोगुनी है। वो जहां से गुजरते हैं वहां एसपीजी के जवान तैनात रहते हैं। उनकी सुरक्षा में विभिन्न घेरों के तहत एक हजार से ज्यादा कमांडो तैनात रहते हैं। साथ की पुलिस व प्रशासन के कई अधिकारी भी तैनात किए जाते हैं।

एसपीजी चार भागों में पीएम का सुरक्षा जिम्मा संभालती है। ऑपरेशन, ट्रेनिंग, इंटेलिजेंस एंड टूर एडमिन।


एसपीजी ऑपरेशन कम्युनिकेशन करती है। इसी के जिम्मे पीएम की कार और ट्रासपोर्ट की व्यवस्था संभालना होता है।


इनके हाथ में खास तरह के दास्ताने होते हैं जो चोट लगने से इन्हें बचाते हैं।


एसपीजी सुरक्षा के लिए एल्बो और नी गार्ड पहनते हैं।


एसपीजी इंटेलिजेंस एंड टूर टीम इंटेलिजेंस इनपुट और खतरों पर नजरों रखता है। ये पीएम की यात्रा की जिम्मेदारी संभालती है।


एसपीजी प्रधानमंत्री के आस-पास कई घेरा बनाके रखती है। हमले होने की स्तिथि में एसपीजी के जवान पीएम को घेर लेते हैं और और तुरंत ही हमलावर को ढेर कर देते हैं।


इनको बिना हथियार के भी लड़ने की ट्रेनिंग दी जी जाती है। ये जबरदस्त लड़ाके किसी भी वक़्त दुश्मन से दो दो हाथ करने में सक्षम होते हैं।

ऐसे होती है प्रधानमंत्री की सुरक्षा
मोदी अति सुरक्षा वाली बुलेटप्रुफ बीएमडब्ल्यू 7 में सफर करते हैं। उनके काफिले में साथ-साथ ऐसी ही दो डमी कारें चलती हैं,ताकि हमलावर को भ्रमित किया जा सके। पीएम के काफिले में सबसे पहले पुलिस सिक्योरिटी स्टाफ की गाड़ी सायरन बजाती हुई आती है। उसके बाद आती है एसपीजी की गाड़ी और फिर दो गाडिय़ां आती हैं,इसके बाद लेफ्ट और राइट साइड से दो गाडिय़ां आती हैं और बीच में रहती है मोदी की गाड़ी। मोदी के काफिले में चलने वाली कारों की एसपीजी अच्छी तरह जांच करती है,उनके काफिले में एक जैमर से लैस गाड़ी रहती है, जिसमें दो एंटिना फिट रहते हैं।

ये सडक़ के दोनों तरफ 100 मीटर की दूरी तक रखे बिस्फोटक को निष्क्रिय कर सकते हैं। वहीं जब पीएम मोदी पैदल चलते है तो उनके आगे-पीछे सादे कपड़ों में एनएसजी के कमांडो चलते हैं। आपको बता दें कि एसपीजी के कमांडो के पास खास खास तरह की राइफल रहती है,जिससे एक मिनट में 800 फायर हो सकता है।

वहीं पीएम के करीब रहने वाले गार्ड काले चश्मे इसलिए पहनते है कि अगर कोई पीएम पर निशाना साधने की हिमाकत करे,तो उसे जवान देंख लें और उसे पता भी नहीं चले कि उसकी गतिविधि पर जवान की नजर है। यदि पीएम कहीं जा रहे हैतो पीएम के विमान के उड़ान भरने से पहले पूरे इलाके को नो फ्लाइंग जोन में बदल दिया जाता है।

कब बनी थी एसपीजी (SPG)
स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) का गठन 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद किया गया था। इनके पास प्रधानमंत्री, पूर्व प्रधानमंत्री और प्रधानमंत्री के परिजनों की सुरक्षा की जिम्मेदारी होती है। इससे पहले पीएम दिल्ली पुलिस की सुरक्षा में रहते थे। एसपीजी में 3 हजार से ज्यादा जवान है। इनमें बीएसएफ, सीआईएसएफ और अन्य फोर्स के जवान शामिल होते हैं। एसपीजी जवान पीएम की सुरक्षा में दो स्तरों पर काम करते हैं। बाहरी सुरक्षा वाले हथियारबंद एसपीजी जवान हमेशा कॉम्बेट मोड में रहते हैं। वहीं अंदरूनी सुरक्षा वाले जवान ब्लेक सूट में रहते हैं।