
सिंधिया समर्थक कुछ नेता अब भाजपा सांसद केपी यादव के बयानों के बाद सामने आ गए हैं और उन्होंने केपी यादव पर पलटवार करते हुए कई तीव्र वार किए हैं। ज्ञात हो कि भाजपा सांसद केपी यादव के एक 1 मिनट 30 सैकेंड का वायरल वीडियो को एमपी कांग्रेस के द्वारा 24 मई को अपने ट्विटर हैंडल पर पोस्ट किया गया है, कांग्रेस की ओर से इसे ज्योतिरादित्य सिंधिया पर हमला बताते हुए इसे शेयर किया गया। जिसके बाद सिंधिया समर्थक नेता केपी यादव पर भड़क गए हैं।
क्या था केपी यादव के इस वायरल वीडियो में-ऐसे समझें
दरअसल केपी यादव की ओर से इस वीडियो में सिंधिया को निशाना बनाते हुए कुछ बडी बातें कहीं गईं थीं, यहां उन्होंने सिंधिया का बिना नाम लिए कहा था कि भीड में कुछ मुर्ख लोग भी होते हैं, जिन्हें ये ही नहीं मालूम की हमें मंच पर बोलना क्या है, वो अपने आपको बडा बुद्धिजीवी समझते हैं, लेकिन ऐसे मुर्खों को ये पता ही नहीं होता है कि हम भाजपा में हैं और भारतीय जनता पार्टी की केंद्र व राज्य में सरकार है।
भाजपा का यहां सांसद है और भरे मंच से जहां केंद्रीय मंत्री और अन्य जनप्रतिनिधि बैठे हैं, वहां मंच से चिल्ला चिल्ला कर कह रहे हैं कि 2019 में हमसे गलती हो गई थी।
केपी यादव की ओर से ये भी कहा गया कि मैं उनके बुद्धि विवेक की दाद देता हूं उनमें कहां से बुद्धि आती है या कहां से ये चीजें वे बोल लेते हैं, हिम्मत कहां से लाते हैं, कि जिसका खा रहे हैं, उसी की थाली में छेद कर रहे हैं। जिस पार्टी ने आपको मान सम्मान दिया जिस पार्टी में आप हो, आप भरे मंच से कह रहे हो कि आपसे गलती हुई है। तो ये तो समझ से परे है और अगर उनको इतनी तकलीफ है तो मुझे लगता है कि उन लोगों को जहां वे थे, वहीं रहना था और अगर इतने जनप्रिय वो हैं तो वहीं रहकर और फिर से एक बार संघर्ष करते, फिर से मेरे साथ चुनाव लडते या मेरी पार्टी जिसको भी टिकट देती उसके खिलाफ चुनाव लडते और जीतते तो निश्चित में मानता कि इनकी बात में दम है।
वीडियो का ये हुआ असर
इस वीडियो के सामने आने के बाद सिंधिया समर्थक नेता ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और पूर्व मंत्री एवं लघु उद्योग निगम की अध्यक्ष इमरती देवी ने केपी यादव पर पलटवार किया है। एक चर्चा में इमरती देवी ने कहा कि ये उनकी सोच है, वे महाराज के ही बनाये हुए नेता हैं, उन्हीं से राजनीति सीखे हैं यदि एक बार उन्हें टिकट मिल गया और जनता ने उन्हें जीता दिया तो उन्हें इतने घमंड में नहीं बोलना चाहिए।
बता दें कि इमरती को सिंधिया खेमे का माना जाता है। इमरती ने डबरा में मीडिया से यह तक कह दिया कि 2024 का चुनाव गुना-शिवपुरी से सिंधिया लड़ेंगे। यादव को टिकट नहीं मिलेगा। एक दिन पहले ही क्षेत्र में यादव सम्मेलन को लेकर यादव ने सिंधिया पर तंज कसा था कि मुझे छोड़कर सभी को सम्मेलन में बुलाया। इससे गलत संदेश देने की कोशिश की गई।
वहीं दूसरी ओर उर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह ने कहा ये उनकी निजी सोच है, मैं इस पर क्या टिप्पणी कर सकता हूं, तोमर ने कहा कि उनका परिवार लम्बे समय तक सिंधिया परिवार से जुड़ा रहा है, उनके पिता स्वर्गीय माधव राव सिंधिया के साथ रहे। वे खुद ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ रहे हैं उनके साथ काम किया है। सिंधिया द्वारा माफी मांगने के सवाल पर ऊर्जा मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में जनता ही भगवान होती है, वे खुद को जनसेवक मानते हैं इसलिए अपने भगवान से माफी मांगने में क्या हर्ज है और फिर वैसे भी इस समय कोई चुनाव तो हैं नहीं जो इसे चुनावों से जोड़ा जाए।
Published on:
26 May 2023 05:24 pm
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