
Rampreet gujar
ग्वालियर/शिवपुरी। शॉर्ट एनकाउंटर में पुलिस द्वारा दबोचे गए बदमाश रामप्रीत गुर्जर की दहशत ग्वालियर-चंबल संभाग के बड़े व्यापारियों के दिलों में थी। क्योंकि वो कई बड़े व्यापारियों की हत्या करने के साथ ही उनके घरों व प्रतिष्ठानों से लाखों रूपए की डकैती व लूट की घटनाओं को अंजाम दे चुका है। शिवपुरी पुलिस को इसकी तलाश मगरौनी में सर्राफा व्यापारी को गोली मारकर की गई लूट की घटना के बाद से थी। इस घटना में रामप्रीत अपने साथियों के साथ 20-21 अक्टूबर २०१७ में मगरौनी के सर्राफा व्यापारी अजीत सोनी को गोली मारकर आधा किलो सोने व चांदी के जेवरात लूटकर भाग गया था। हालांकि उपचार के बाद व्यापारी की जान बच गई थी।
इसके बाद से शिवपुरी पुलिस इस शातिर सुपारी किलर के पीछे लगी हुई थी। पुलिस पूछताछ में जो बातें निकलकर सामने आई हैं, उसमें रामप्रीत का बड़ा गिरोह था। साथ ही सबसे खास बात यह थी कि वह जिस क्षेत्र में वारदात करने जाता था, वहां के ही लोकल बदमाशों को अपने गिरोह में जोड़ लेता था। रामप्रीत के अपराध का सफर वर्ष २००३ में ग्वालियर से ही शुरू हुआ। उसने अपराधों की शुरुआत तो चोरी की घटनाओं से की,लेकिन बाद में वह धीरे-धीरे बड़ा बदमाश बन गया और सुपारी लेकर लोगों की हत्याएं करने लगा।
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रामप्रीत पर अभी तक करीब ८ हत्याएं, लूट, हत्या के प्रयास, डकैती जैसे अपराध मिलाकर कुल ५६ से अधिक मामले दर्ज हैं। ग्वालियर अकेले शहर में ही रामप्रीत ने ३८ वारदातों को अंजाम दिया। इसके अलावा आगरा में ५ अपराध, धौलपुर में ३, औरेया में १ वारदात की। मप्र में कुल ४३ से अधिक प्रकरण रामप्रीत के नाम पर है। पुलिस का कहना है कि कई अन्य घटनाएं तो ऐसी हैं, जिनको रामप्रीत ने ही किया लेकिन उन मामलों में पुलिस उसकी शिनाख्त नहीं कर पाई।
30 हजार के इनामी बदमाश रामप्रीत को पकडऩे में देहात थाना प्रभारी सतीश सिंह चौहान, इंदार थाना प्रभारी सुरेश शर्मा, एडीटीम प्रभारी गोपाल चौबे, एएसआई प्रवीण त्रिवेदी, शाकिर अली खान, आरक्षक भूपेन्द्र सिंह, ऊदल सिंह गुर्जर, प्रवीण सेथिया, चन्द्रभान सिंह, आरक्षक उस्मान खान की सराहनीय भूमिका रही।
व्यापारी की हत्या व 42 लाख लूटकर आया चर्चा में
वर्ष २०१० में रामप्रीत ने अपने कुछ साथियों के साथ भिंड के गोहद में एक व्यापारी की उस समय हत्या कर ४२ लाख की लूट की घटना को अंजाम दिया था,जब वह बैंक से पैसे निकालकर अपने घर जा रहा था। इसके बाद रामप्रीत ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और औरेया उप्र में ३० लाख की डकैती, मुरैना में पेट्रोल पंप पर २० लाख की लूट तथा अभी कुछ दिन पूर्व ही यूपी के आगरा के पास स्थित वाह तहसील के ग्राम विक्रमपुर में वहां के प्रधान हरेन्द्र यादव की ५ लाख रुपए की सुपारी लेकर गोली मारकर हत्या कर दी थी।
"आधा सैकड़ा से अधिक गंभीर वारदातों को अंजाम देने वाले इस बदमाश की तलाश तीन राज्यों की पुलिस को थी। हमें पिन-प्वाइंट सूचना मिली और उसे दबोच लिया गया। यह भी आशंका है कि कई ऐसे अपराध होंगे, जिनमें वो चिह्नित ही नहीं हो सका हो।"
सुनील कुमार पांडेय, एसपी
Published on:
22 Jan 2018 10:39 am

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