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सांप का काटा भी बच जाता है इस मां के आर्शीवाद से, बस करना होता है यह काम

ratangarh mata mandir latest news: सैंकड़ों की संख्या में पुलिस के जवान मौजूद हैं। आपको जानकर हैरानी होगी की रतनगढ़ मंदिर पर सांप के काटे हुए लोगों को लाया जाता है। जहां सांप का काटा हुआ व्यक्ति आराम पाता है सांप का जहर उसको असर नहीं करता।

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ratangarh mata mandir latest news

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ग्वालियर चंबल संभाग के प्रसिंद्ध मंदिरों मेंं से एक रतनगढ़ माता मंदिर पर सोमवार को जवारे चढ़ाए जा रहे हैं। यहां सोमवार को आने वाली भीड़ को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था जोरदार तरीके से की है। मंदिर से लेकर १२ किमी के दायरे को पूरी तरह से पुलिस की नजरों में रखा गया है। सैंकड़ों की संख्या में पुलिस के जवान मौजूद हैं। आपको जानकर हैरानी होगी की रतनगढ़ मंदिर पर सांप के काटे हुए लोगों को लाया जाता है। जहां सांप का काटा हुआ व्यक्ति आराम पाता है सांप का जहर उसको असर नहीं करता।

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7 शारदीय नवरात्र की नवमी यानी सोमवार को जवारे चढ़ाए जा रहे हैं। रविवार को रतनगढ़ माता मंदिर पर 50 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। सोमवार को नवमी पर तकरीबन डेढ़ से दो लाख श्रद्धालुओं के मंदिर पर पहुुंचने का प्रशासन ने दावा किया है। तीन दिशाओं में चार पार्किंग बनाई गई हैं। सबसे पहले बसई मलक पर मंदिर से तीन किमी पहले वाहन रोके जाएंगे। दतिया, झांसी की तरफ से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मरसैनी के रास्ते रतनगढ़ पहुंचने का रास्ता बनाया गया है। जबकि जालौन, सेंवढ़ा, भिंड की तरफ से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भगुवापुरा, ग्वालियर की तरफ से आने वाले श्रद्धालु बेहट के रास्ते और डबरा की तरफ से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए देवगढ़ के रास्ते मंदिर पर पहुंचने का रास्ता तय किया गया है।

जिला प्रशासन ने नवरात्र मेले की व्यवस्था को दीपावली की भाईदूज पर लगने वाले लख्खी मेले को देखते हुए चाकचौबंद की हैं। बसई मलक से लेकर मंदिर और 12 किमी क्षेत्र में रात में रोशनी के लिए लाइटें लगाई गई हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 500 पुलिस जवान और 600 अिधकारी-कर्मचारी तैनात किए गए हैं। रतनगढ़ माता मंदिर का पूरा 12 किमी लंबा एरिया सीसीटीवी कैमरे की जद में है। पहाड़ी पर बने कंट्रोल रूम से मॉनीटरिंग हो रही है।

काटे जाते हैं सांप काटने के बंध
लख्खी मेला के दौरान उन लोगों के बंध काटे जाएंगे कि जिन्हें कभी सांप ने काटा था। मान्यता है कि यदि किसी को सांप काट ले तो तुरंत ही रतनगढ़ माता के नाम पर बंध बांध दिया जाते हैं। फिर जब भी माता का मेला भरता है तब बंध काट कर संबंधित व्यक्ति को सिंध नदी में नहलाया जाता है। फिर माता के दर्शन के लिए ले जाया जाता है।