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भाजपा के बाद कांग्रेस में भी बगावत, कई नेताओं ने सौंपे इस्तीफे

कांग्रेस जिलाध्यक्ष शर्मा की दो टूक जिलाध्यक्ष बोले- टिकट बदलने का दबाब बनाया तो दे दूंगा इस्तीफा, देर रात वापस ले लिया इस्तीफे...।

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ग्वालियर। नगरीय निकाय चुनाव को लेकर अब कांग्रेस पार्टी में भी बगावत के सुर उठने लगे हैं। वार्ड-5 और वार्ड-21 के पार्षद प्रत्याशियों के टिकट बदलने के मामले में जिलाध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र शर्मा और विधायक डॉ. सतीश सिंह सिकरवार आमने-सामने हो गए हैं। विधायक के हस्तक्षेप से जिलाध्यक्ष नाराज हैं, विधायक चाहते हैं कि इन दोनों वार्डों से प्रत्याशी बदले, जबकि जिलाध्यक्ष टिकट बदलने के मूड में नहीं थे।

जिलाध्यक्ष शर्मा ने दो टूक कहा है, यदि टिकट बदलने का दबाव बनाया तो पद से इस्तीफा दे दूंगा। हालांकि चर्चा है कि मंगलवार को जिलाध्यक्ष के साथ कुछ और कांग्रेस नेताओं ने भी इस्तीफे प्रदेश पीसीसी अध्यक्ष कमलनाथ को ई-मेल पर भेज दिए थे। इस्तीफे मिलने के बाद समझाने के लिए कमलनाथ ने प्रदेश कोषाध्यक्ष अशोक सिंह को भेजा और उन्होंने चर्चा कर सामंजस्य बनाने की कोशिश की। विवाद को सुलझाने के लिए देर रात राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह से बात करने के बाद सभी ने अपने-अपने इस्तीफे वापस ले लिए। हालांकि पहले दिग्विजय सिंह ग्वालियर आ रहे थे, लेकिन देर रात दौरा निरस्त हो गया।

ये है मामला

वार्ड-5 में पीपी शर्मा और वार्ड-21 में श्रीनिवास गुर्जर कांग्रेस के पार्षद पद के प्रत्याशी हैं, लेकिन विधायक इनके स्थान पर अपने करीबियों को टिकट दिलाना चाहते हैं, जबकि ये प्रत्याशी पिछले पांच दिन से चुनाव प्रचार जुटे हैं और चुनाव कार्यालय भी खोल लिया है। वार्ड-5 के चुनाव कार्यालय का तो सोमवार को खुद जिलाध्यक्ष ने उद्घाटन किया था। अब ऐसे में प्रत्याशियों को बदलना जिलाध्यक्ष के लिए मुसीबत बन गया है, इसलिए वह अड़ गए हैं। उल्लेखनीय है कि महापौर टिकट को लेकर जिलाध्यक्ष और विधायक के बीच विवाद शुरू हुआ था उसके बाद पार्षदों के टिकट वितरण में भी जिलाध्यक्ष की नहीं चली, इसलिए वे पार्टी से नाराज हैं।

एक क्यों फिर सबको बदलो

विधायक सिकरवार पार्षद प्रत्याशी बदलने को लेकर अड़े हुए हैं, यदि एक को बदलना है तो फिर अन्य को भी बदलो। विधायक सिकरवार ने प्रत्याशी बदलने के लिए कहा था, लेकिन उनसे स्पष्ट तौर पर कह दिया है कि मैं क्यों प्रत्याशी बदलूं। जब सब चुनाव में जुट गए हैं तो फिर ऐसी स्थिति में प्रत्याशी बदलकर परेशानी क्यों खड़ी करना चाह रहे हैं विधायक, वे इस बात को बताएं।
- डॉ. देवेन्द्र शर्मा, जिलाध्यक्ष कांग्रेस कमेटी

जिलाध्यक्ष का जो निर्णय वह मानूंगा

किसी पार्षद के टिकट बदलने को लेकर कोई दबाव नहीं बनाया है। कुछ समाज के लोगों को टिकट नहीं मिला है, इसको लेकर कहा था। जिलाध्यक्ष हमारे मुखिया हैं वह जो आदेश देंगे वह की मानूंगा। वह जिलाध्यक्ष के साथ मेरे रिश्तेदार भी हैं, तो विरोध क्यों करूंगा। अशोक सिंह भी मिलने आए थे, उनके सामने भी मैंने अपना पक्ष रख दिया है।
- डॉ. सतीश सिंह सिकरवार, विधायक कांग्रेस

टिकट को लेकर नहीं, संगठन से नाराज हैं

पार्षद के टिकट बदलने को लेकर कांग्रेस पदाधिकारियों में कोई नाराजगी नहीं है। जिलाध्यक्ष, सुनील शर्मा और कुछ अन्य कांग्रेस संगठन को लेकर कुछ नाराजगी थी। सभी से बात कर सहमति बन गई है अब कोई परेशानी नहीं है। किसी भी कांग्रेस पदाधिकारी ने कोई इस्तीफा नहीं दिया है। निकाय चुनाव में सब मिलकर और संगठित होकर लड़ेगे।
- अशोक सिंह, कोषाध्यक्ष प्रदेश कांग्रेस कमेटी

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