ग्वालियर। 2000 रुपए के गुलाबी नोटों को चलन से बाहर करने का निर्णय सरकार ने 20 मई को लिया था, जिसके अंतर्गत इन बड़े नोटों को 30 सितंबर तक बैंकों में जाकर बदलने व जमा करने की मोहलत रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआइ) ने दी है। एक ओर जहां इस सरकारी मोहलत के नजदीक आने से पूर्व ही बाजारों से जहां 2000 रुपए के नोट चलन से बाहर होने लगे हैं।
वहीं शहर की धार्मिक संस्थाओं और मंदिरों की बंद तिजोरियों और दान पेटियों को भी अब खोलना होगा। यदि समय रहते इन्हें खोला नहीं गया तो दानदाताओं की ओर से पेटियों में बंद 2000 रुपए के नोट बेकार हो जाएंगे। कई दानदाता पूर्व में भी इस तरह के बड़े नोट दान पेटियों में डाल चुके हैं।
दान पेटियों को खोलने के लिए करना होती है बैठक
धार्मिक संस्थाओं या मंदिरों में दानदाताओं की ओर से गुप्त दान दिया जाता है, जिसे वहां लगे दानपात्र में डाल दिया जाता है। जिसकी रसीद दानदाता को नहीं मिलती है, ऐसे में इन संस्थाओं को ध्यान रखना होगा कि अंतिम दिन आकर भी कोई दानदाता 2000 का नोट दानपात्र में डाल सकता है। सीए पंकज शर्मा ने बताया कि सभी संस्थाओं का ऐसे दानपात्रों को खोलने का एक नियम व प्रक्रिया होती है। बड़े बड़े संस्थाओं द्वारा इस प्रक्रिया को अपनाया भी जाता है। ऐसे में यह अनिवार्य हो जाता है कि समय रहते इससे संबंधित नोटिस, बैठक को निपटा लिया जाए, अगर ऐसा नहीं किया गया तो ऐसे नोटों को बैंक में जमा करने या बदलने में देरी हो सकती है।
किचन के डिब्बों और बच्चों की गुल्लक को भी देखें
महिलाओं की हमेशा से आदत रही है कि वे किचन में रखने वाले डिब्बों में ही अपनी जमा पूंजी को रख देती हैं। नोटबंदी के समय भी ऐसा ही देखने को मिला था। ऐसे में घरेलू महिलाओं को भी एक बार डिब्बों में रखी अपनी जमा पूंजी को देख लेना चाहिए। इसके साथ ही छोटे बच्चों की गुल्लक में भी इस तरह के 2000 रुपए के नोट हो सकते हैं। अक्सर बच्चों के जन्मदिन आदि मौकों पर रिश्तेदारों की ओर से दिए जाने वाले ऐसे नोट गुल्लक में डाल दिए जाते हैं।
दान पेटियों को खोलने का नियम महीने के पहले मंगलवार तय किया गया था। लेकिन इन दिनों पटवारियों की हड़ताल के चलते अभी नहीं खोल पाए थे, ये बात सही है कि दानदाताओं के 2000 रुपए के नोट पेटियों में हो सकते हैं। जल्द ही पेटियों को खोला जाएगा।
एनके मोदी, अध्यक्ष, श्री अचलेश्वर महादेव सार्वजनिक न्यास
दो दिन पूर्व खोलेंगे
एक या डेढ़ महीने में मंदिर की दान पेटियों को खोला जाता है। चूंकि सरकार की ओर से 2000 रुपए के नोट बदलने की मोहलत 30 सितंबर की गई है। इसके चलते दो दिन पूर्व सभी दान पेटियों को खोला जाएगा और 2000 रुपए के नोटों को बैंक में जमा किया जाएगा।
योगेश शुक्ला, अध्यक्ष, साईं बाबा मंदिर विकास नगर
सरकार ने जिस समय 2000 रुपए के नोट बदलवाने की घोषणा की थी उस समय बड़ी संख्या में पेट्रोल पंपों पर नोट आने लगे थे, लेकिन अब ये नोट नहीं आ रहे हैं। दो हजार रुपए वाला लेनदेन अब 500 रुपए के नोट में तब्दील हो चुका है।
अमित सेठी, सचिव, ग्वालियर डिस्ट्रिक्ट पेट्रोलियम डीलर्स ऐसोसिएशन