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इस समाज के लोगों ने शराब से की तौबा, कहने को जनजाती में लेकिन निर्णय सबसे उत्तम

इस समाज के लोगों ने शराब से की तौबा, कहने को जनजाती में लेकिन निर्णय सबसे उत्तम

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aadiwasi log ki baithak

श्योपुर/बडौदा । सहरिया समाज के लोगों ने अब यदि बारात में भी शराब का सेवन किया तो भी उनके खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। यह निर्णय सहरिया समाज को शराब से पूर्णत: मुक्ति दिलाने के संकल्प के साथ रतोधन में हुई सहरिया समाज के ८४ गांव की महापंचायत में लिया गया।


खासबात यह है कि इस बैठक में जुर्माने की राशि को भी 500 रुपए से बढ़ाकर 1100 रुपए किया गया है। साथ ही गांव के पटेल प्रधानों को भी आदर्श पेश करने के नजरिए से इस तरह के नशे आदि का सेवन पूरी तरह से बंद करने के लिए कहा गया है। वहीं लोगों से पटेल प्रधानों के फैसलों को मानने के लिए भी कहा गया है। रतोधन नहर के पास स्थित बगीचे में आयोजित बैठक में सहरिया समाज सुधार समिति के अध्यक्ष उपाध्यक्ष भी मौजूद रहे। बैठक में निर्णय लिया गया कि हर 15 दिन में अपने अपने क्षेत्र में बैठक का आयोजन किया जाए, जिससे अब तक जिन लोगों ने शराब आदि का सेवन बंद नहीं किया है, उन पर कार्रवाई की जा सके और समाज को शराब नाम की बुराई से पूरीतरह से निजात दिलाई जा सके।

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साथ ही गांव वाइज सप्ताह में बैठक करने की बात भी तय की गई। बैठक में सभी पटेल प्रधानों को अब शराब पीता हुआ व्यक्ति मिलने पर उससे ११०० रुपए का अर्थदण्ड वसूलने की बात तय की गई। बैठक में जो पटेल प्रधान नहीं पहुंचे, उन पर भी बातचीत हुई। जिसमें बताया गया कि बैठक से सिर्फ उन्हीं लोगों ने दूरी बनाई है, जो आज भी शराब का सेवन कर रहे हैं। बैठक में 8 4 गांव के अध्यक्ष टुण्डाराम लांगुरिया, उपाध्यक्ष सतीश चौहान, सचिव सिया राम गोरसिया, बत्तीसा के अध्यक्ष तेजपाल देवरिया, हरिराम आदिवासी, बाबूलाल प्रधान शाहपुरा आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

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जब अध्यक्ष उपाध्यक्ष पर लगा शराब सेवन का आरोप
84 गांव की इस पंचायत में तब हंगामा होना शुरू हो गया। जबकि कुछ लोगों ने दूसरों पर जुर्माना निरूपित करने वाले अध्यक्ष और उपाध्यक्षों के द्वारा ही शराब सेवन किए जाने के आरोप मढ दिए। हालांकि मामले को बाद में यह कह कर शांत कराया गया कि यदि अध्यक्ष उपाध्यक्ष या कोई दूसरा भी पदाधिकारी शराब पीता है, तो उसके साक्ष्य जुटाए जाएं। उसपर भी कार्रवाई होगी।


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