28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

MP के सबसे बड़े मंदिर में सोने के सिंहासन पर विराजे बाबा,हजारों की संख्या में पहुंचे भक्त

MP के सबसे बड़े मंदिर में सोने के ङ्क्षसहासन पर विराजे बाबा,हजारों की संख्या में पहुंचे भक्त

2 min read
Google source verification
sai baba

MP के सबसे बड़े मंदिर में सोने के सिंहासन पर विराजे बाबा,हजारों की संख्या में पहुंचे भक्त

ग्वालियर। विकास नगर स्थित साईं बाबा मंदिर में गुरुवार को दोपहर साईं बाबा को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भव्य सोने के सिंहासन पर विराजमान किया गया। यह स्वर्ण सिंहासन 51 लाख रुपए में तैयार किया गया है। सिंहासन के साथ बाबा का छत्र व चरण पादुका भी सोने के हैं। मंदिर में आज गुरु पूर्णिमा उत्सव की शुरुआत हुई, इस मौके पर बाबा को छप्पन भोग लगाए गए और फूल बंगला सजाया गया।

यह भी पढ़ें : Breaking : 300 साल पुराने मंदिर से 50 किलो के सोने का कलश चोरी,कीमत सुन उड़ जाएंगे आपके होश,देखे वीडियो

साईं भक्त मंडल ट्रस्ट के अध्यक्ष योगेश शुक्ला ने बताया कि 78 किलो ग्राम तांबे के सिंहासन पर सवा किलो सोने की परत चढ़ाई गई है। सिंहासन अहमदाबाद और जयपुर के कारीगरों ने 25 दिन में तैयार किया है। सिंहासन पर विराजमान साईं बाबा की प्रतिमा पर 7 किलो का छत्र चढ़ाया गया है।

यह भी पढ़ें : सदी का अब तक का सबसे लंबा चंद्रग्रहण कल,इन चार राशि वाले रहे संभलकर,इनकी बदलेगी किस्मत

सूतक लगने पर बंद होंगे पट
दोपहर में सत्यनारायण की कथा का आयोजन होगा। श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के पट चन्द्रग्रहण का सूतक शुरू होते ही बंद हो जाएंगे। यह पट शनिवार को सुबह 4 बजे खुलेंगे। इसी दिन श्रद्धालुओं को छप्पन भोग वितरित किया जाएगा।

यह भी पढ़ें : चार दिन में एमपी के इस शहर के लोगों ने कमाए तीन करोड़

स्वर्ण मुकुट पहनाया
साईं बाबा को स्वर्ण सिंहासन पर विराजमान करने के बाद स्वर्ण मुकुट पहनाया गया। यह स्वर्ण मुकुट १ जनवरी २०१६ में पहली बार पहनाया गया था। यह मुकुट विशेष आयोजनो ंमें पहनाया जाता है।

यह भी पढ़ें : ये है इंसान के सच्चे साथी, जीवनभर आते हैं काम

बाबा की पालकी यात्रा निकाली
ओम साईं श्रद्धा सबूरी सेवा दल समिति द्वारा साईं बाबा की पालकी यात्रा निकाली गई। यात्रा माधौगंज स्थित सांई बाबा मंदिर से शुरू की गई, जो देर शाम विकास नगर मंदिर पहुंची। यात्रा में विविध रूपों की झांकियां सजाई गईं। श्रद्धालुओं ने पालकी यात्रा का पूजन किया।