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संत किसी समाज के नहीं होते, बल्कि वे तो संपूर्ण समाज के होते हैं

समरसता यात्रा...मांडू के रविदास कुंड से कलश में मिट्टी व जल एकत्र किया सागर में सौ करोड़ की लागत से बनेगा मंदिर

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संत किसी समाज के नहीं होते, बल्कि वे तो संपूर्ण समाज के होते हैं

संत किसी समाज के नहीं होते, बल्कि वे तो संपूर्ण समाज के होते हैं

मांडू/ धार. पर्यटन नगरी मांडू के काकड़ा खो स्थित पुरातन कालीन संत रविदास की तपोभूमि से संत रविदास का पूजन-अर्चन और आरती कर समरसता यात्रा का शुभारंभ किया गया। यात्रा सात विधानसभा से होती हुई अपने गंतव्य को पहुंचेगी। इस दौरान संत रविदास मंदिर को हार फूलों से सजाया गया। समरसता यात्रा के पहले चतुर्भुज श्रीराम मंदिर मांडू में संवाद कार्यक्रम हुआ।

युवा आयोग के अध्यक्ष निशांत खरे ने कहाकि संत रविदास समरसता के सच्चे संत थे। संत रविदास ने कहा था की मन चंगा तो कटोरी में गंगा। हम सभी शुद्ध मन से आज यह यात्रा प्रारंभ कर रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि संत किसी समाज के नहीं बल्कि वह संपूर्ण ङ्क्षहदू समाज के होते हैं। महामंडलेश्वर संत नरङ्क्षसह दास महाराज ने कहा कि समरसता आज से नहीं तो आदि अनादि काल से देश में समरसता विध्यमान है। चाहे वह माता सबरी हो या निषाद राज हो किसी को भगवान राम के पास नहीं जाना पड़ा स्वयं भगवान खुद चल कर उनसे मिलने पहुंचे है। हमारे यह जाति की परंपरा नहीं रही कर्म ही हमारा मूल आधार था। इस अवसर पर सूरज कैरो, सावन सोनकर यात्रा के जिला प्रभारी जयराम गावर, जिपंअध्यक्ष सरदार ङ्क्षसह मेड़ा, धार विधायक नीना वर्मा ,पूर्व विधायक कालू ङ्क्षसह ठाकुर, भाजपा जिला अध्यक्ष मनोज सोमानी, नगर परिषद अध्यक्ष मालती गावर, उपाध्यक्ष कृष्णा यादव ने संत रविदास के चित्र पर माल्यार्पण किया। यात्रा दोपहर में धार पहुंची। जहां लालबाग में संवाद कार्यक्रम हुआ। सीएम ने सिंगरौली में दिखाई हरी झंडी ङ्क्षसगरौली में मुख्यमंत्री शिवराज ङ्क्षसह चौहान ने हरी झंडी दिखाकर यात्रा की शुरुआत की। नीमच, बालाघाट, और श्योपुर से यात्रा की शुरुआत हो रही है। इस यात्रा में 244 स्थानों पर जनसंवाद होंगे। यात्रा में संत शिरोमणि रविदास महाराज की चरण पादुका चित्र और कलश साथ रहेगा। 55 हजार गांवों से मिट्टी और प्रदेश की 313 नदियों से जल्द संग्रहित कर यात्रा सागर पहुंचेगी। इसके लिए मांडू के रैदास कुंड से भी जल और मिट्टी भेजी जाएगी। सागर में 100 करोड़ की लागत से संतश्री का मंदिर बनना है। 12 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भूमिपूजन करेंगे। मांदल की थाप पर थिरके नेता संवाद कायक्रम के पश्चात आदिवासी लोक संस्कृति के नृत्य मंडली भगोरिया करती हुई स्वागत कर रही थीं। भाजपा जिलाध्यक्ष सहित नेता भी आदिवासी युवाओं के साथ मांदल की थाप और थाली की झंकार पर थिरकने लगे। यात्रा के दौरान मांडव नगर परिषद को स्वच्छता व्यवस्था के लिए पांच वाहनों की सौगात मिली। कार्यक्रम में सभी जाति के लोग एक साथ मंच पर बैठे थे। समरसता का पाठ हमें संत रविदास ने सिखाया है। सबका साथ ,सबका विकास, सबका विश्वास और सब का प्रयास यह मंत्र रविदास का है, जिसे प्रधानमंत्री पूरा कर रहे हैं। संचालन निलेश भारती ने किया।