
नमामी गंगे से अब तक मंजूरी नहीं, अब राज्य शासन को भेजा जाएगा प्रोजेक्ट
ग्वालियर। स्वर्ण रेखा नदी को पुर्न विकसित करने के लिए पूर्व में जल शक्ति मिशन (नमामी गंगे प्रोजेक्ट) के डायरेक्टर को 623.96 करोड़ की स्वीकृति के लिए भेजे गए डीपीआर के बाद अब राज्य शासन को भी प्रोजेक्ट भेजा जाएगा। इसको लेकर निगम आयुक्त हर्ष सिंह ने शनिवार को पीएचई व स्वास्थ विभाग सहित अन्य विभागों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने जांच रिपोर्ट व सर्वे पर चर्चा कर उपायुक्त अमरसत्य गुप्ता व लैंडफिल साइट प्रभारी महेंद्र प्रसाद अग्रवाल से कहा कि केदारपुर लैंडिफल साइट पर आने वाले नए वेस्ट को रिसाइकिल करने के लिए जल्द से जल्द डीपीआर बनाने और स्वर्ण रेखा नाले की साफ-सफाई व ट्रैंक लाइन डालने के लिए डीपीआर बनाने के निर्देश कार्यपालन यंत्री शुक्ला को दिए।
आयुक्त ने कहा कि यह प्रोजेक्ट इसी महीने पूरा किया जाए,जिससे यह शासन को समय पर राशि स्वीकृति के लिए भेजा जा सके। बता दें कि एक जनहित याचिका की सुनवाई पर हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन, नगर निगम, स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन, जलसंसाधन विभाग सहित केंद्र सरकार के सेंट्रल वाटर कमीशन के अधिकारियों को स्वर्ण रेखा में सीवर का गंदा पानी मिलने से रोकने व स्वर्ण रेखा के जीर्णोद्धार के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में उपायुक्त अमरसत्य गुप्ता,कार्यपालन यंत्री रामू शुक्ला, महेंद्र अग्रवाल सहित अन्य मौजूद रहे।
अब तक नहीं मिली स्वीकृति
पीएचई विभाग द्वारा स्वर्ण रेखा को लेकर 623 करोड़ 96 लाख का प्रोजेक्ट तैयार कर स्वीकृति के लिए जल शक्ति मिशन (नमामी गंगे प्रोजेक्ट) के डायरेक्टर को भेजा है। हालांकि उसे अब तक स्वीकृति नहीं मिली है। बताया जा रहा है कि जल शक्ति मिशन की ओर से राशि देने से मना कर दिया गया है, इसलिए अब फिर से प्रोजेक्ट बनाकर राज्य शासन को भेजा जा रहा है।
नमामी गंगे को यह भेजा गया था प्रोजेक्ट
-19 किलोमीटर की पाइप लाइन नदी के किनारे पर डाली जाएगी जो 200 से 1800 एमएम व्यास की होगी और इसी लाइन से कनेक्शन दिए जाएंगे।
-इस लाइन में 25 स्थानों पर कनेक्शन के लिए जगह छोड़ी जाएगी।
-स्वर्ण रेखा नदी के दोनों ओर दो-दो हजार चेंबर बनाए जाएंगे और 15 करोड़ की लागत से एक इंटर मीडियट पंपिग स्टेशन बनाया जाएगा।
-स्वर्ण रेखा के दोनों तरफ की बजाय बीच में ही ट्रंक लाइन व सीवर की ब्रांच लाइनें बिछाई जाएगी।
-40 वार्डों के सीवर को रोका जाएगा, इसमें ग्वालियर विस के 20 वार्ड, पूर्व के 6 वार्ड व दक्षिण के 14 वार्डों का गंदगी युक्त पानी स्वर्ण रेखा में खुले में बहने के बजाय पाइप लाइन में चला जाएगा।
-623.96 करोड़ की राशि को स्वीकृति मिलते ही 561.96 करोड़ स्वर्ण रेखा पर और 62 करोड़ से 84 नालों का पानी निकालने पर खर्च होंगे।
Published on:
10 Dec 2023 01:04 pm
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