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गोला के मंदिर से पड़ाव फूलबाग और महाराज बाड़ा को थीम रोड की तर्ज पर करें विकसित

स्मार्ट सिटी की एडवाइजरी फोरम की बैठक में सदस्यों ने दिए सुझाव

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smart city advisory meeting in gwalior

गोला के मंदिर से पड़ाव फूलबाग और महाराज बाड़ा को थीम रोड की तर्ज पर करें विकसित

ग्वालियर। स्मार्ट रोड परियोजना सहित स्मार्ट सिटी की अन्य परियोजनाओं में बची करीब 122 करोड़ की राशि का उपयोग शहर विकास के लिए बनाई गईं अन्य योजनाओ में किया जाए। यह बात शनिवार को स्मार्ट सिटी की एडवाइजरी फोरम की बैठक में जनप्रतिनिधियों और सदस्यों ने रखी। साथ ही गोला के मंदिर से पड़ाव फूलबाग और महाराज बाड़ा क्षेत्र का मार्ग सबसे व्यस्ततम और काफी पुराना है इसलिए इसे थीम रोड की तर्ज पर विकसित किए जाने, स्ट्रीट लाइट को सोलर सिस्टम से जोड़े जाने के सुझाव दिए गए।

मोती महल स्थित स्मार्ट सिटी कंट्रोल कंमाड सेंटर कार्यालय में सांसद विवेक नारायण शेजवलकर की अध्यक्षता में बैठक हुई, इसमें ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, बीज निगम अध्यक्ष मुन्नालाल गोयल, कलेक्टर अक्षय कुमार, आयुक्त किशोर कान्याल, स्मार्ट सिटी सीइओ नीतू माथूर, सदस्य राजेन्द्र सेठ, हरिमोहन पुरोहित, अजय बंसल व डॉ. सत्यप्रकाश शर्मा, कृष्णराव दीक्षित सहित अन्य शामिल हुए।

बैठक के दौरान सांसद ने स्मार्ट सिटी के तहत शहर में जुड़ रहे नए आयामों के रख-रखाव और संधारण की पुख्ता व्यवस्था करने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि विकास कार्यों के संधारण की व्यवस्था ऐसी हो जिससे शहरवासियों को विकास कार्यों का लाभ लंबे समय तक मिल सके। बैठक में प्रस्तावित स्मार्ट रोड परियोजना से बची शेष राशि का शहर विकास और सौन्द्रीयकरण में उपयोग के साथ ही स्मार्ट सिटी द्वारा शहर में क्रियांवित स्मार्ट रोड परियोजना, प्रवेश द्वार, स्मार्ट स्कूल शिक्षा-नगर, प्रेस बिल्डिंग का उन्न्यन कार्य, गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन निमार्ण कार्य, आएसबीटी सहित प्रगतिरत अन्य विकास कार्यों पर भी चर्चा की गई।

सदस्यों ने स्मार्ट सिटी द्वारा सड़कें बनाने को लेकर जताई नाराजगी

बैठक के दौरान सदस्यों ने स्मार्ट सिटी द्वारा सिर्फ सडक़ों पर फोकस करने को लेकर अधिकारियों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि स्मार्ट सिटी की ओर से सड़कों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जबकि सड़कों को बनाने व दुरुस्त करने का कार्य नगर निगम का है। लेकिन अधिकारियों की मनमानी के चलते स्मार्ट सिटी द्वारा निगम की बनी हुई सडक़ों को खोद कर फिर से बनाया जा रहा है। यह गलत है, जबकि स्मार्ट सिटी का मुख्य कार्य शहर के अस्पतालों, पार्कों, स्मार्ट स्कूल सहित अन्य विकास कार्यों को करना चाहिए इससे शहर स्मार्ट बन सके। क्योकि सड़कें तो नगर निगम भी बना सकता है।

महाराज बाड़ा के बिजली के तार होंगे अंडर ग्राउंड
महाराजा बाड़ा में जो बिजली के तार ऊपर है उनको अंडर ग्राउंड किया जाएगा। इसके लिए बिजली कंपनी और स्मार्ट सिटी ने संयुक्त रूप से सर्वे कर लिया है। यहां सरकारी प्रेस बिल्डिंग और स्टेेट बैंक की ओर बिजली के तार है जिनको अंडर ग्राउंड किया जाएगा। अब इसका एस्टीमेट तैयार किया जाएगा और उसके बाद काम शुरू होगा।

यह होंगे कार्य
-एडशिनल रोड करीब 65 करोड़
-10 स्मार्ट वॉशरूम करीब पांच करोड़ के पांच करोड़ का 10 वॉशरूम
-सीसी टीवी सर्वलेंस (सीसीटीवी कैमरे) 32 करोड़
-दौलतगंज मार्केट में डवलपमेंट 20 करोड़ में

स्मार्ट सिटी करेगी स्ट्रीट लाइटों के संधारण का कार्य,सोलर सिस्टम से जोड़ी जाए
शहर में स्ट्रीटी लाइटों की हालत काफी खराब है इन सभी स्ट्रीट लाइट को सोलर सिस्टम से जोड़ा जाए। जिसमें खर्च कम रहेगा और यह अपने आप ही बंद व चालू होगी। हालांकि निगम द्वारा स्ट्रीट लाइटों के संधारण कार्य में फेल होने पर स्मार्ट सिटी की ओर से अब स्ट्रीट लाइटों को संधारण व खंबे पर लगाए जाने के लिए टेंडर लगाए जा रहे हैं।

"शहर की मुख्य व्यस्ततम सडक जो पडाव से फुलबाग होते हुए महाराज बाडा तक जाती है, उसे स्मार्ट सडक के रुप मे विकसित करने के लिए एक विस्तृत रुपरेखा तैयार की जाए, ताकि शहर को एक नई पहचान मिल सके। किलागेट पर सौन्द्रीयकरण व मार्केट बनाने की प्लानिंग करें।"
प्रदुमन सिंह तोमर, ऊर्जा मंत्री