
निजी बस ऑपरेटरों की गुड़ागर्दी: सरकारी बस स्टैंड के सामने से नहीं निकलेगी स्मार्ट बस
ग्वालियर। ओए, ये बस रास्ते में रुकना नहीं चाहिए...सीधी निकाल। बस को स्मार्ट सिटी बस स्टैंड के अंदर खड़ी करो...। सरकारी बस स्टैंड के सामने से भी ये बस नहीं निकलेगी, स्टेशन बजरिया से निकलो...। ये गुड़ागर्दी भरे लहजे में शहर के निजी बस ऑपरेटर स्मार्ट बस (सूत्र सेवा की वातानुकूलित बसें) के स्टाफ को हर रोज धमका रहे हैं। शासन की योजना के अंतर्गत स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शुरू की गई सूत्र सेवा बस के विरोध में एकजुट हैं। वे सरकार व जिला प्रशासन पर भारी पड़ रहे हैं। वहीं, जिले का पुलिस प्रशासन, नगर निगम, जिला प्रशासन और परिवहन विभाग के अधिकारी अपने-अपने दायित्व की सीमा को नापते हुए एक-दूसरे के पाले में गेंद उछाल रहे हैं।यही कारण है कि निजी बस ऑपरेटर की गुड़ागर्दी भारी पड़ रही है।
हर रोज की तरह शुक्रवार की सुबह स्मार्ट सिटी बस स्टैंड पर बसें निकलने से पहले ही निजी बस ऑपरेटर के लोग पहुंच गए। उन्होंने बस को स्टैंड के अंदर बाहर नहीं आया दिया। स्मार्ट बस के स्टाफ को सीधे तौर पर धमकाया। इसके बाद एक के बाद एक ऐसे ही बसें निकलती रही। हर बस को फोलो करते हुए निजी वाहन से नाकाचंद्रवदनी तक छोडऩे के लिए जा रहे हैं। स्मार्ट बस, बस स्टैंड से होकर सरकारी बस स्टैंड के रास्ते नही निकल सकती है। ये बस को ड्राइवर स्टेशन बजरिया के रास्ते, राजा मानसिंह चौराहे होते हुए होटल तानसेन तिराहे से झांसी रोड होकर निकाली जा रही है। इन बसों के पीछे निजी बस ऑपरेटर के आदमी पीछा करते हुए जाते हैं। रास्ते में कोई सवारी इन बसें बैठना चाहे तो बस के स्टाफ को धमकाया जाता है।
पत्रिका में मेरे वीडिया और फोटो किसने भेजा?
बीते रोज स्मार्ट सिटी बस के कार्यालय में निजी बस ऑपरेटर नरेशसिंह द्वारा स्टाफ को धमकाए जाने की खबर पत्रिका में प्रकाशित हुई। इसके बाद सुबह के समय स्मार्ट बस के स्टाफ को फिर से बस ऑपरेटर ने धमकाया और कहा कि किसने मेरा फोटो और वीडिया पत्रिका में दिया। मुझ से पंगा लेना भारी पड़ेगा।
अधिकारियों पर बनाया दबाव
बस ऑपरेटर, जिला प्रशासन के अधिकारियों पर अपना दबाव बनाए हुए है। वे ऊंची पहुंच का भय दिखा रहे हैं। बीते दिनों परिवहन विभाग की प्राधिकार की बैठक में स्मार्ट बस सेवा के परमिट की सुनवाई के दौरान करीब ७० लोग पहुंचे। उन्होंने प्राधिकार पर दबाव बनाया और बस के परमिट न दिए जाने की बात कही। इस पर प्राधिकार ने सुनवाई करते हुए परमिट जारी करने की बात कही। इस पर प्राधिकार के अधिकारियों की लोकायुक्त, ईओडब्ल्यू, सरकार के मंत्री से शिकायत करने की बात कही थी। इसी तरह क दबाव वे जिला प्रशासन, नगर निगम, पुलिस प्रशासन के अधिकारियों पर भी बना रहे हैं। अधिकारियों को ट्रांसफर का डर बना हुआ है, इस वजह से शांत बैठे हैं।
शिवपुरी में फिर तोड़ा बस का कांच, एक को पुलिस ने दबोचा
ग्वालियर, गुना और शिवपुरी के बीच चलने वाली बसों पर लगातार प्लानिंग के तहत हमला कराए जा रहे हैं। गुरुवार की शाम को जहां एक बस का कांच तोड़ा गया था। वहीं, शुक्रवार की दोपहर १२ बजे फिर एक बस का कांच तोड़ा। स्मार्ट सिटी बस के ऑपरेटर सावंत सिंह माहौर ने पुलिस की मदद ली और एक को पुलिस में बंद कराया।
वर्जन
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शुरू की गई सूत्र सेवा बस के संचालन में निजी बस ऑपरेटर दबाव बनाए हैं। वे धमकी दे रहे हैं। बस को सड़क पर खड़ी नहीं कर सकते हैं। आकाशवाणी के रास्ते से नही निकाल सकते हैं।
सावंतसिंह माहौर, बस ऑपरेटर, सूत्र सेवा, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट
Published on:
11 Jan 2019 07:50 pm
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