शहर में 26 करोड़ की लागत से मुख्य मार्गों व गली-मोहल्लों में 62 हजार स्मार्ट एलईडी लाइटें लगाई गई हैं। लेकिन इनकी सही देखरेख नहीं होने से कहीं दिनभर जलती हैं, तो कहीं रातभर...
ग्वालियर. शहर में 26 करोड़ की लागत से मुख्य मार्गों व गली-मोहल्लों में 62 हजार स्मार्ट एलईडी लाइटें लगाई गई हैं। लेकिन इनकी सही देखरेख नहीं होने से कहीं दिनभर जलती हैं, तो कहीं रातभर बंद रहती हैं। निगम के विद्युत विभाग के अधिकारी हर दिन 500 लाइटें ठीक करने का दावा कर रहे हैं, लेकिन हकीकत में प्रतिदिन 250 से 300 लाइटें ही सही हो रही हैं। बाकी लाइटें तीन-चार दिन तक सही नहीं हो पा रही हैं। अभी विद्युत विभाग के गोदाम में एलईडी लाइटों के ढेर लगे हुए हैं। स्मार्ट सिटी कॉर्पोरेशन द्वारा ईईएसएल कंपनी के साथ मिलकर शहर की सभी सड़कों पर 62 हजार स्मार्ट एलईडी लगाई गई थीं, लेकिन कंपनी के ठीक से काम नहीं कर पाने से उसे निगम के हैंड ओवर कर दिया गया।
रातभर चलता है आंख मिचौली का खेल
एबी रोड गोल पहाडिय़ा, झांसी रोड, शिवपुरी ङ्क्षलक रोड, नदी गेट से लेकर जयेंद्रगंज, मुरार के इंद्रमणि नगर, ङ्क्षशदे की छावनी, हजीरा क्षेत्र में लगी स्मार्ट एलईडी लाइटें रात में आंख मिचौली का खेल खेलती हैं। यह कई बार बंद-चालू होती रहती हैं।
यहां दिनभर जलती है लाइटें
सेवानगर, किला गेट, माधव नगर, जीवाजी गंज, वार्ड 21, 22 और 23, रामदास घाटी के क्षेत्र, डीडी नगर क्षेत्र में एलईडी लाइटें दिनभर जलती रहती हैं। इससे निगम का बिजली का बिल बढ़ रहा है। इसकी लोग कई बार शिकायत भी कर चुके हैं, लेकिन विद्युत विभाग के प्रभारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
लाइटें बंद होने से हादसे हो रहे
वार्ड में लाइटें बंद रहने से आए दिन हादसे हो रहे हैं। कई बार विद्युत विभाग के अधिकारियों को भी सूचित किया जा चुका है, उसके बाद भी समाधान नहीं हो पा रहा है।
विक्रम ङ्क्षसह बघेल, जीवाजीगंज निवासी
स्टाफ कम होने से नहीं लग पा रहीं लाइटें
विभाग के पास स्टाफ कम होने से लाइट नहीं लग पा रही हैं। अभी हमारे पास पूरे शहर के लिए 25 लाइन मैन हैं। जहां भी लाइटें बंद हैं, उन्हें हम सही करवा रहे हैं।
देवी ङ्क्षसह राठौर, विद्युत विभाग प्रभारी