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पत्रिका अखबार पढ़ कर आई हिम्मत, एसपी से बोली युवती मेरी परेशानी दूर करें

एसपी साहब! वह मुझे सालभर से परेशान कर रहा है। उसने मेरी सगाई तक तुड़वा दी। अब मेरा जीना मुश्किल हो रहा है। अब आप ही कुछ करो। 
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Gaurav Sen

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Jan 02, 2017

sp S.K pandey

sp S.K pandey


ग्वालियर/श्योपुर। एसपी साहब! वह मुझे सालभर से परेशान कर रहा है। उसने मेरी सगाई तक तुड़वा दी। अब मेरा जीना मुश्किल हो रहा है। अब आप ही कुछ करो।

यह पीड़ा बीते रोज बस द्वारा अपने गांव से श्योपुर आई एक युवती ने पुलिस कप्तान साकेत प्रकाश पांडेय को सुनाई। साथ ही पुलिस कप्तान को पत्रिका अखबार दिखाते हुए यह बात भी बताई कि पत्रिका में निर्भीक बचपन अभियान के तहत जो खबरे प्रकाशित हो रही है,उसे पढ़कर ही उसे हिम्मत आई और उस हिम्मत के सहारे ही वह एसपी कार्यालय तक आ पाई है। इस मामले में पुलिस कप्तान ने भी बिना कोई देरी किए परेशान करने वाले मनचले को अच्छे से सबक सीखाकर युवती की परेशानी को एक ही दिन में खत्म करवा दिया।

एसपी ने पुलिस को भेजकर मनचले को घर से उठवा लिया
इस मामले को लेकर गंभीर हुए पुलिस कप्तान साकेत प्रकाश पांडेय ने पहले पीडि़त युवती की पूरी पीड़ा सुनते हुए उसे परेशान करने वाले का नाम और पता पूछा। इसके बाद बिना कोई देर किए संबंधित थाने की पुलिस को मनचले के घर भेजकर उसे वहां से उठवा लिया और पुलिस थाने लाकर उसकी अच्छी तरह से खैर खबर ली तथा परिजनों को भी थाने बुलाकर मनचले को परिजनों के साथ यह हिदायत देकर छोड़ा कि यदि अब ऐसी कोई हरकत की तो एफआईआर दर्ज कर जेल भेज दिया जाएगा।

पत्रिका निर्भीक बचपन से आई हिम्मत
स्कूली बालिकाओं को अपनी सुरक्षा के संबंध में जागरुक बनाने सहित आवाज उठाने के लिए हिम्मत पैदा करने के लिए पत्रिका द्वारा निर्भीक बचपन अभियान शुरु किया हुआ है। जिसके तहत जिले के पुलिस अधिकारी हर रोज स्कूलों में पहुंचकर छात्राओं से सीधे न सिर्फ रूबरू हो रहे है,बल्कि उनको जागरूक बना रहे है। जिससे बालिकाओं की हिम्मत बढ़ रही है। एसपी के पास पहुंची इस युवती की हिम्मत भी पत्रिका में प्रकाशित निर्भीक अभियान की खबर और खबरों के साथ प्रकाशित पुलिस अधिकारियों के नंबर देखकर बढ़ी।