ग्वालियर. परिवहन विभाग अपने नए प्रस्ताव में बसों पर लगने वाला स्पेयर टैक्स को खत्म करने का निर्णय ले सकता है। इसके लिए टैक्स स्लैब में बदलाव भी किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, वर्तमान में तीन स्लैब में वाहन से टैक्स लिया जाता है। इसमें संशोधन करके 8 टैक्स स्लैब करने पर विचार चल रहा है। परिवहन विभाग ने नए प्रस्ताव में परमिट फीस को 7 गुना किया जा रहा है। बस मालिकों को 1500 रुपए की जगह 10 हजार रुपए परमिट लेने के लिए देने पड़ेंगे। यदि स्पेयर टैक्स में राहत मिलती है, तो उनका आर्थिक भार कम हो जाएगा।
क्या है स्पेयर टैक्स
दरअसल, आपके बस मालिक बनते ही परिवहन विभाग यह टैक्स लेने लगता है। बस का परमिट हो या नहीं हो रजिस्ट्रेशन के साथ ही यह टैक्स प्रति सीट के हिसाब से देय होता है। बस संचालक इसे मंथली देते हैं। वर्तमान में हर 100 किमी तक बस की प्रति सीट पर 180 रुपए स्पेयर टैक्स लिया जाता है। इसके बाद 1.2 रुपए प्रति किमी. के हिसाब से टैक्स दर तय होती है।
परिवहन विभाग स्पेयर टैक्स में करेक्शन करता है, तो यह बस संचालकों के लिए राहत का निर्णय होगा। वाहन के परमिट के लिए एकमुश्त राशि देनी होगी। कागजी कार्रवाई में भी कमी आएगी। - नीलू भदौरिया, अध्यक्ष, स्कूल बस ऑपरेटर एसोसिएशन
निर्णय के बाद स्थिति स्पष्ट होगी
नए प्रस्ताव में कई संशोधनों की सिफारिश की गई है। इसमें स्पेयर टैक्स का भी मामला है। अंतिम निर्णय के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। - आरके जैन, अपर आयुक्त, परिवहन विभाग