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कॉमनवेल्थ गेम्स में सुशीला, वंदना और मोनिका ने मचाई धूम, जीता ब्रॉन्ज मेडल

कॉमनवेल्थ गेम्स में राज्य महिला हॉकी अकादमी की सुशीला, वंदना और मोनिका ने धूम मचा दी.

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ग्वालियर. बर्मिघम में चल रहे राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय टीम ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड को हराकर ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया है, 16 साल बाद फिर से भारतीय टीम के पास पदक आने पर देश में खुशी की लहर है.

भारत और न्यूजीलैंड के बीच कड़े मुकाबले में 1-1 गोल से मैच ड्रॉ हो गया था, इसका नतिजा शूटआउट से किया गया, जिसमें भारतीय टीम की जीत हुई। भारत ने शूटआउट में 2-1 से जीत हासिल की और इसी के साथ कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने तीसरी बार पदक जीतने में सफलता हासिल की।

भारतीय महिला हॉकी टीम ने बर्मिंघम में जारी कॉमनवेल्थ गेम्स में जोरदार प्रदर्शन किया। सेमीफाइनल मैच में ऑस्ट्रेलिया से हारने के बाद भारत के पास ब्रॉन्ज मेडल जीतने का मौका था और भारतीय लड़कियों ने ये कर दिखाया। भारतीय महिला हॉकी टीम ने कॉमनवेल्थ गेम्स में पहली बार ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया है।

कॉमनवेल्थ गेम्स में राज्य महिला हॉकी अकादमी की सुशीला, वंदना और मोनिका ने धूम मचा दी, उन्होंने भारतीय महिला हॉकी टीम का प्रतिनिधत्व करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया, पेनल्टी कार्नर से गोल दागे और सेमीफायनल तक एक के बाद एक मैच जीते।

जानकारी के अनुसार कॉमनवेल्थ महिला हॉकी में ऑस्ट्रेलिया और भारत की टीम का कड़ा मुकाबला हुआ, जिसमें 3-0 से शूटआउट में आस्ट्रेलिया की टीम ने बाजी मारी, खेल में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए वंदना कटारिया ने 49 वें मिनट में गोल किया, जबकि इस कड़े मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया की टीम ने 10 वें मिनट में गोल कर दिया था।

मोनिका ने शानदार डिफेंस से रोका गोला
भारतीय टीम की और से जोरदार प्रदर्शन करते हुए मोनिका ने शानदान डिफेंस से गोल को रोका, वहीं ऑस्ट्रेलिया की टीम ने खेल को आक्रामक तरीके से खेलते हुए मैच का रूख ही पलट दिया, खिलाड़ी रेबेका ग्रीनर ने 10 वें मिनट में टैप-इन गोल कर टीम को बढ़त दिलाई। इस मैच में भारत ने दूसरे क्वार्टर की शुरूआत आक्रामक तरीके से करते हुए नेहा के पेनल्टी कार्नर जीतने के बाद भारत की टीम बराबरी तक पहुंची।

सुशीला चानू ने किया पास, वंदना ने पेनल्टी कार्नर किया हासिल
मैच में पांच मिनट शेष रहने के दौरान भारत ने एक और पेनल्टी कॉर्नर अर्जित किया, फिर दूसरे क्वार्टर में दोनों टीमों ने मिड-फील्ड में दबदबा बनाने की कोशिश की, इसके बाद चौथे क्वार्टर में वंदना कटारिया ने 49 वें मिनट में सुशीला चानू द्वारा पास किए गए बॉल को गोल की और कुद देर बाद ही वंदना कटारिया ने एक और पेनल्टी कॉर्नर अर्जित किया।

आपको बतादें कि ग्वालियर की राज्य महिला हॉकी अकादमी द्वारा इन तीनों महिला खिलाडिय़ों को भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया, इन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए मध्यप्रदेश का नाम रोशन किया, सुशीला चानू, मोनिका मलिक और वंदना कटारिया ने पहले भी कई मैचों में जोरदार प्रदर्शन कर प्रदेश का मान बढ़ाया है।

ये है सुशीला चानू
सुशीला चानू मूलत: मणिपुर की रहने वाली हैं। वे ग्वालियर अकादमी में 2006 से 2010 तक रहीं, सुशीला चानू पिछले रियो ओलंपिक में भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान थीं, पिछले एशियन गैम्स में सुशीला गोल्ड मेडल हासिल करने वाली टीम की सदस्य थीं, 2015 में सुशीला जूनियर वर्ल्ड की कप्तानी भी कर चुकी हैं।

ये है वंदना कटारिया
वंदना कटारिया उत्तराखंड की रहने वाली हैं, फॉरवर्ड पोजीशन पर खेलने वाली मोनिका ने रियो ओलंपिक, एशियन गैम्स में शानदार प्रदर्शन किया था. जिसके चलते उनको ओलंपिक का टिकट मिला था।

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ये है मोनिका मलिक
राज्य हॉकी अकादमी से खेलने वाली मोनिका मलिक हरियाणा की रहने वाली हैं. मोनिका भी इंटरनेशनल स्पर्धा में भारतीय टीम की तरफ से खेल चुकी हैं। आपको बतादें कि ग्वालियर में स्थापित हुई राज्य महिला हॉकी अकादमी ने देश को कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दिए हैं, इसी में से सुशीला, मोनिका और वंदना भी शामिल हैं।