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पति-पत्नी में आपस में लगातार करते थे कलह, हाईकोर्ट ने रद्द किया तलाक

MP News: आरोप है कि पत्नी का व्यवहार पति और परिवारजनों से ठीक नहीं था और वह बिना बताए घर से बाहर चली जाती थी।

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फोटो सोर्स: पत्रिका

फोटो सोर्स: पत्रिका

MP News: हाईकोर्ट की युगल पीठ ने एक अहम फैसले में पति-पत्नी के बीच हुए समझौते को मान्यता देते हुए पारिवारिक न्यायालय द्वारा दिया गया तलाक का आदेश रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि दोनों पक्ष अब वैवाहिक जीवन साथ मिलकर बिताएंगे और बेटी की जिमेदारी निभाएंगे।

2020 अप्रैल को मायके चली गई थी पत्नी

दरअसल रानी व राकेश (दोनों का परिवर्तित नाम) का विवाह अप्रैल 2015 को हुआ था। दोनों की एक बेटी है। वैवाहिक जीवन के दौरान पति-पत्नी में लगातार कलह बनी रही। आरोप है कि पत्नी का व्यवहार पति और परिवारजनों से ठीक नहीं था और वह बिना बताए घर से बाहर चली जाती थी। 20 अप्रैल 2020 को पत्नी मायके चली गई।

इसके बाद पति ने पत्नी पर मानसिक क्रूरता का आरोप लगाते हुए फैमिली कोर्ट, ग्वालियर में तलाक की अर्जी दायर की। कुटुंब न्यायालय ग्वालियर ने 2024 को तलाक की डिक्री पति के पक्ष में जारी कर दी। इस आदेश के खिलाफ पत्नी ने हाईकोर्ट में अपील दायर की।

दोनों ने समझौते का दिया आवेदन

हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों में सुलह हो गई और उन्होंने अदालत में संयुक्त आवेदन दिया। पत्नी ने भरोसा दिया कि भविष्य में वह पति और परिवारजनों से विवाद नहीं करेगी और घर-गृहस्थी शांति से चलाएगी। पति ने भी आश्वासन दिया कि वह पत्नी के साथ सम्मानजनक व्यवहार करेगा और संतान की परवरिश में पूरा सहयोग देगा।