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जबलपुर/ग्वालियर।
मप्र हाईकोर्ट ने नेशनल हाईवे
अथॉरिटी ऑफ इंडिया को कहा है
कि आगरा-बॉम्बे
रोड का ग्वालियर के पुरानी
छावनी से रायरू तक हिस्से की
बदहाली दूर करने के लिए आवश्यक
कदम उठाए जाएं। चीफ जस्टिस
हेमंत गुप्ता व जस्टिस विजय
कुमार शुक्ला की डिवीजन बेंच
ने एक जनहित याचिका का निराकरण
करते हुए यह निर्देश दिए हैं।
याचिका को ग्वालियर बेंच से
मुख्यपीठ जबलपुर स्थानांतरित
किया गया था।
ये
है मामल:
गौसपुरा,
हजीरा
ग्वालियर निवासी किरण यादव
ने 2016
में
याचिका दायर की थी। कहा गया
था कि आगरा-बॉम्बे
एनएच-3
का
ग्वालियर पुरानी छावनी से
रायरू तक हिस्सा मानकों के
अनुरूप नहीं बनाया गया। सड़क
पर भारी वाहनों,
व्यावसायिक
ट्रकों,
कारों
व अन्य वाहनों का दिन-रात
आवागमन होता है। लेकिन सड़क
का यह हिस्सा सिंगल लेन ही
बनाया गया है। यातायात के इतने
अधिक दबाव को सहने में यह सक्षम
नहीं है। इस रोड पर कई अंधे
मोड़ हैं। इनमें कोई साइनबोर्ड
या फ्लोरसेंट चिह्न भी नहीं
लगाया गया है। इसके चलते उनके
पति सीएसके यादव की सड़क
दुर्घटना में मृत्यु हो गई।
पांच
साल में हुई 60
मौतें
याचिका
में कहा गया कि आरटीआई में
प्राप्त जानकारी के अनुसार
सड़क के इस हिस्से में बीते
पांच सालों के अंदर 60
से
अधिक मौतें हुईं। आग्रह किया
गया कि एनएचएआई को सड़क को
मानकों के अनुरूप बनाने,
इसके
पर्याप्त मेंटेनेंस व समुचित
साइनबोर्ड आदि लगाने के निर्देश
दिए जाएं। सुनवाई के बाद कोर्ट
ने कहा कि इस मामले में एनएचएआई
ही सक्षम है। एनएचएआई याचिका
में उठाई गई कमियों को रेखांकित
कर इन्हें दूर करने के लिए
समुचित कदम उठाए। इस निर्देश
के साथ याचिका का पटाक्षेप
कर दिया गया।
Published on:
21 Jul 2017 01:50 am

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