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2.5 करोड़ रुपए की चोरी का मास्टर माइंड चुपके से अस्पताल पहुंचा

लैंड रिकॉर्ड के बाबू संजय भागवानी के घर से ढाई करोड़ की चोरी का फरार मास्टर माइंड भागीरथ प्रजापति 19 अक्टूबर से चुपचाप सिम्स अस्पताल   (कैंसर पहाड़ी) में इलाज करा रहा है। 

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rishi jaiswal

Oct 26, 2016

Land records clerk

Land records clerk

ग्वालियर. लैंड रिकॉर्ड के बाबू संजय भागवानी के घर से ढाई करोड़ की चोरी का फरार मास्टर माइंड भागीरथ प्रजापति 19 अक्टूबर से चुपचाप सिम्स अस्पताल (कैंसर पहाड़ी) में इलाज करा रहा है। सोमवार को उसके परिवार ने कोर्ट में आवेदन देकर बताया कि भागीरथ सिम्स में भर्ती हैं। चोरी के केस में पुलिस उसे गिरफ्तार कर सकती है। छह दिन तक उसकी मौजूदगी क्यों छिपाई, परिजन वजह नहीं बता रहे हैं।
डॉक्टर्स ने पुलिस को बताया, भागीरथ को टायफाइड है। सदमा भी लगा है। वह एक रट लगाए है, जो चाहिए वह ले जाओ, पर पुलिस ने बीमारी की हालत में उसे हिरासत में नहीं लिया है। कोर्ट को बताया, भागीरथ से चोरी के एक करोड़ रुपए बरामद करने हैं, उससे पूछताछ करना पडेग़ी, इसलिए ठीक होने पर राउंडअप किया जाएगा।
पुलिस का कहना है, भागीरथ किसी को नहीं पहचान रहा है। उसे किस बात का सदमा लगा है, परिजन भी नहीं बता रहे हैं। आशंका है कि संजय भागवानी के घर से ढाई करोड़ रुपए चुराने के बाद भागीरथ और उसका बेटा रवि पूरा पैसा पचाने की फिराक में थे, पर साजिश नाकाम रही। भागरीथ को उम्मीद थी कि चोरी की आधी रकम बिचौलियों के जरिए पुलिस को थमाकर वह कानूनी फंदे से बच जाएगा, पर एेसा हुआ नहीं। साजिश में उसकी भूमिका का खुलासा होने पर वह भांप गया कि चोरी की रकम का बचा हुआ एक करोड़ रुपया लौटाना पडेग़ा और जेल भी जाना पड़ेगा, इसलिए करीब एक माह से वह मानसिक रूप से परेशान है। पुलिस से बचने के लिए भागीरथ मुरैना में सुरक्षित ठिकाने पर था। उसे टायफाइड हुआ तो करीब 5 दिन मुरैना जिला अस्पताल में इलाज कराया। हालात में सुधार नहीं हुआ तो 7 अक्टूबर को आगरा के लोट्स अस्पताल में भर्ती हुआ। 19 अक्टूबर को सिम्स में भर्ती कराया।

यह है मामला
लैंड रिकॉर्ड के बाबू संजय भागवानी के सूने घर से भतीजे नितिन और पड़ोसी भागीरथ प्रजापित के बेटे रवि ने 15 सितंबर को करीब ढाई करोड़ रुपए चुराया था। चोरी का पता तीन दिन बाद चला। बाबू के घर में करोड़ों रुपए कहां से आया। बात को छिपाने के लिए संजय ने सिर्फ 4 लाख चोरी होना बताए, पर शक जाहिर किया कि चोरी में पड़ोसी शामिल हैं। बचने के लिए 27 सितंबर को नाटकीय अंदाज में भागीरथ ने सिर्फ 48 लाख रुपए पुलिस को थमाकर अपने मददगारों के जरिए ईमानदार होने का दंभ भरा, लेकिन उसका प्लान फेल रहा। नितिन ने पुलिस को बताया, चाचा के घर से करीब ढाई करोड़ रुपए चुराया था। इसकी जानकारी भागरीथ को भी थी। केस में नितिन, रवि और वैभव को पकड़ा गया है। मास्टमाइंड भागीरथ फरार था।

नजदीकी के यहां छिपाई रकम
पुलिस का कहना है, चोरी के बचे एक करोड़ रुपए मास्टरमाइंड ने कुछ रिश्तेदार और नजदीकियों के यहां छिपाया है। चोरी में उसके मददगारों की जानकारी भागीरथ के ठीक होने पर ही सामने आएगी।

स्थिति के आधार पर कार्रवाई
& चोरी में वांटेड भागीरथ प्रजापति अस्पताल में भर्ती हो गया है। उसकी हालत पूछताछ के लायक नहीं है। उसकी हालत में सुधार के बाद ही पूछताछ की जाएगी।
संतोष सिंह, टीआई, थाना पड़ाव