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टेबल की दराज से 9 लाख रुपया ले गए चोर

जिदंगी भर की कमाई ऑफिस में रखते थे वकील

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टेबल की दराज से 9 लाख रुपया ले गए चोर

टेबल की दराज से 9 लाख रुपया ले गए चोर

ग्वालियर। घर की बजाय अभिभाषक ने ऑफिस में टेबल की दराज में जमा पूंजी इक_ी कर रखी थी, कई साल से दराज में पैसा जमा करने का सिलसिला चल रहा था। वकील के परिजन तक को नहीं पता था कि सारा पैसा ऑफिस में रहता है, लेकिन चोरों को उसकी भनक हो गई तो बुधवार रात को उनके ऑफिस में घुसकर सारा पैसा समेट कर ले गए।
समाधिया कॉलोनी, जनकगंज निवासी वकील एलएस परिहार ने बताया घर के बाजू में उनका ऑफिस है। दो साल में जितना पैसा कमाया और सरकारी नौकरी से रिटायर होने पर मिला था सारा ऑफिस में रखी टेबिल की दराज में रखते थे। घर में दो बेटियां और बेटा भी हैं। उन्हें भी नहीं पता था कि जमा पूंजी कहां रहती है। 2017 से सिलसिला शुरू हुआ था। रिटायर होने पर करीब 5 लाख रुपया मिला था उसे लाकर दराज में रख दिया था। फिर बैंक से आठ बार 50 हजार रुपया निकाला वह भी लाकर वहीं रखा। तीन दिन पहले भी 50 हजार रुपया बैंक से लाकर रखा था। बुधवार- गुरुवार रात करीब डेढ़ बजे आवाज से बेटी की नींद खुली उन्होंने बाहर झांका तो पांच युवक भागते दिखे। आशंका होने पर बेटी ने उन्हें भी जगाया। बाहर आकर देखा तो ऑफिस के ताले टूटे हुए थे। अंदर सारा सामान बिखरा था। दराज खुली पड़ी थी उसमें रखा सारा पैसा गायब था। तुरंत पुलिस को कॉल किया। रात्रि गश्त में सीएसपी रवि भदौरिया थे। घटना सुनकर समाधिया कॉलोनी पहुंच गए। जनकगंज पुलिस को भी बुलाया। चोर भाग चुके थे। उनकी पहचान के लिए कॉलोनी में लगे सीसीटीवी के फुटेज देखे उसमें दो बाइक पर पांच युवक दिखे। हालांकि फुटेज साफ नहीं आए हैं इसलिए संदेहियों के चेहरे समझ में नहीं आ सके। सुबह चोरों की पहचान के लिए ट्रैकर डॉग और फिंगर प्रिंट टीम भी मौके पर पहुंच गई। ऑफिस में रखे सामान में चोरों के फिंगर प्रिंट तो मिले हैं, लेकिन उनकी पहचान से जुड़ा क्लू नही मिला।


शादी के जमा किया था पैसा


अभिभाषक परिहार का कहना है कि जिदंगी भर मेहनत से कमाया पैसा बेटियों की शादी के लिए जमा किया था। उम्मीद नहीं थी कि चोरों को आभास हो सकता है कि ऑफिस की दराज में इतना पैसा होगा। घरवालों तक को नहीं बताया था कि जमा पूंजी कहां रखी है। आश्ंका है कि चोरों ने बैंक से उनकी रेकी की है। इसलिए उन्हें पता चल गया कि बैंक से पैसा निकाल कर वह कहां रखते हैं।