
Thunderstorm
ग्वालियर। बीते रोज की भीषण गर्मी के बाद रात को अचानक से मौसम ने कंरवट बदली। दिन ढलने पर आंधी के साथ श्योपुर में शुरू हुई बूंदाबांदी रात के आठ बजते बजते आंधी-तूफान में बदल गई और करीब १०० से १२० किमी प्रति घण्टे की रफ्तार से हवा चलने लगी। जिससे जहां कई पेड़ धराशायी हो गए, वहीं कई घरों की टीन उड़ गए तो कई की दीवाल आदि गिर पड़ी।
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इस दौरान दांतरदा समर्थन मूल्य की कतार में खडे किसान प्रदीप शर्मा के सिर पर तूफान से बोर्ड आ गिरा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं कई अन्य लोग भी तूफान की जद में आकर चोटिल हुए हैं। कुल मिलाकर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव स्वरूप आए तूफान से जिले में जहां एक जनहानी हो गई है।
वहीं हजारों रुपए का नुकसान भी हुआ है। इसके साथ ही जिलेभर में लोगों को रात अंधेरे में काटने को तो परेशान होना ही पड़ा है, साथ ही सुबह पानी के लिए भी मशक्कत करना पड़ी है।
कई जगह उडे टीन, पेड भी गिरे
आंधी का प्रभाव शहर सहित जिलेभर में रात ८ बजे से २ बजे तक देखने को मिला। इस दौरान जहां श्योपुर शहर सहित कराहल, सोंईकला, दांतरदा आदि स्थान पर कई पेड़ गिर पड़े तो कई मकानों के टीन भी उड़ गए। इस दौरान सोंईकला में टीनशेड के ऊपर पेड़ गिरने से सुनीता मीणा चोटिल हो कई है, वहीं कई अन्य गांव क्षेत्र में भी लोगों को ऐसी ही घटनाओं की बीच चोटें आई हैं।
अंधेरे में कटी रात, पानी को हुए परेशान
आंधी से श्योपुर शहर सहित सोंईकला, दांतरदा, कराहल, ढोढर, रघुनाथपुर,वीरपुर और विजयपुर सहित कई जगह पर बिजली गुल हो गई। जिनमें से जहां श्योपुर विजयपुर आदि स्थान पर रात को ही बिजली बहाल हो गई।
वहीं शहर के ऑफिसर्स कॉलोनी क्षेत्र सहित कराहल सोंईकला आदि गांव में लोगों की रात अंधेरे में गुजरी। वहीं कराहल जैसे गांव क्षेत्र में तो दिन में भी बिजली नहीं आने पर लोगों को चंदा करके जनरेटर के जरिए बोर चलाना पड़ा। वहीं कई गांव क्षेत्रों में लोगों ने बिजली न होने की पर हैण्डपंप आदि के सहारे पानी की व्यवस्था की।
Published on:
03 May 2018 07:56 pm
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