ग्वालियर

RAPE CASE : कोर्ट ने सुनाया फैसला, अंतिम सांस तक जेल में रहेगा मासूम का बलात्कारी

RAPE CASE : कोर्ट ने सुनाया फैसला, अंतिम सांस तक जेल में रहेगा मासूम का बलात्कारी

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Aug 09, 2018
RAPE CASE : कोर्ट ने सुनाया फैसला, अंतिम सांस तक जेल में रहेगा मासूम का बलात्कारी

दतिया। शादी समारोह के दौरान दो माह पहले छह वर्षीय बालिका के साथ बलात्कार करने वाले आरोपी को विशेष न्यायाधीश(पॉक्सो एक्ट) ने अंतिम सांस तक जेल में रहने की सजा दी है। साथ ही अलग - अलग धाराओं में 85 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।

अभियोजन के मुताबिक 28 मई 2018 को एक वाहन पर क्लीनर के रूप में कार्यरत झांसी निवासी मोतीलाल अहिरवार(24) ने थरेटमें आयोजित शादी में शामिल होने आई छह वर्षीय बालिका को अकेला पाकर बारात के ठहरने के स्थान से कुछ ही दूर ले जाकर उस वक्त दुष्कृत्य किया था, जब सभी लोग शादी में व्यस्त थे। पीडि़ता के चिल्लाने पर आरोपी तो भाग गया था, लेकिन जब पीडि़ता के चाचा ने मौके पर जाकर देखा तो मामले की शिकायत थरेट थाना पुलिस में की थी। इस घटना के बाद पीडि़त बालिका ने परिजनों को पूरी बात बताई और यह बात सामने आई कि बारात में आए वाहन के क्लीनर ने इस घटना को अंजाम दिया है।
पीडि़ता से जब आरोपी की शिनाख्त कराई तो उसने भी पहचान लिया। घटना के दिन थरेट थाने में कोईमहिला उप निरीक्षक मौजूद नहीं थी। इसलिए इंदरगढ़ में तैनात महिला उप निरीक्षक प्रियंका यादव को थरेट भेजा गया। विवेचना के बाद तीन अगस्त को थरेट थाना प्रभारी संजय किरार ने विशेष न्यायालय(पॉक्सो एक्ट)में चालान पेश किया और तत्काल बाद विशेष न्यायाधीश हितेंद्र द्विवेदी ने मामले में न्यायिक कार्रवाई शुरू कर दी।


इस मामले में न्यायालय ने आरोपी मोातीलाल पुत्र भैयालाल अहिरवार को धारा 376 ए बी, 363 आईपीसी 5/6पॉक्सो एक्ट में दोषी पाते हुए धारा 376 एबी में शेष प्राकृतिक जीवन का कारावास एवं 25 हजार रुपए का अर्थदंड धारा 363 में सात वर्षका कारावास और दस हजार रुपए जुर्माना 5/6 पॉक्सो एक्ट में आजीवन कारावास और 25 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। आदेश में यह भी कहा कि कुल अर्थदंड में से 50 हजार रुपए पीडि़ता को प्रदान किया जाए एवं मध्यप्रदेश पीडि़त प्रतिकर योजना के तहत पीडि़ता को पांच लाख रुपए तक की राशि प्रदान करने के निर्देश दिया। शासन की ओर से मामले की पैरवी जिला लोक अभियोजन अधिकारी पुष्पेंद्र कुमार गर्ग ने की। महज डेढ़ दिन में साक्ष्य जुटाने और दो महीने में चालानी कार्रवाई करने के लिए न्यायालय ने पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी और विवेचना अधिकारी की सराहना भी की। खास बात यह रही कि अभियोजन की ओर से छह अगस्त को विवेचना अधिकारी समेत तीन साक्ष्यों को पेश किया गया और केवल डेढ़ दिन में सभी गवाहों के बयान लेकर अभियोजन की कार्रवाई पूरी की।

वकीलों ने नहीं की पैरवी
करीब दो माह पहले हुई घटना के बाद जिसने भी घटना के बारे में सुना आरोपी की हर जगह निंदा हुई। यहां तक कि जिला न्यायालय के सभी वकीलों ने इस केस में आरोपी की ओर से पैरवी करने से इनकार कर दिया। फिर भी आरोपी को शासन की ओर से अपने बचाव में अभिभाषक की सेवा दिलाई ।

ट्रेनिंग में नहीं गए डीपीओ
जिला अभियोजन अधिकारी पुष्पेन्द्र कुमार गर्ग को छह से दस अगस्त तक ट्रेनिंग पर जाना था पर आरोपी को जल्द से जल्द सजा दिलाने के लिए प्रदेश के संचालक लोक अभियोजत राजेन्द्र कुमार ने ट्रेनिंग में जाने के लिए वक्त की मोहलत दे दी।

पहला मामला
पुलिस ने त्वरित विवेचना व चालानी कार्रवाई करते हुए महज दो महीने में ही चालान पेश कर दिया और डेढ़ दिन की अभियोजन की कार्रवाई में आरोपी को सख्त सजा मिली है । इससे आरोपियों के हौसले पस्त होंगे।
पुष्पेन्द्र कुमार गर्ग, जिला अभियोजन अधिकारी

Published on:
09 Aug 2018 12:33 pm
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