
चार दिन से लगातार बंद पड़े हैं बैंक, 9 बैंक यूनियनों के 7 हजार से अधिक शाखाओं के 40 हजार से अधिक कर्मचारी-अधिकारी नो वर्क नो पे के आधार पर कर रहे हड़ताल
पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करो की मांग को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) की ओर से लगातार राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन किए जा रहे थे। सरकार के साथ वार्तालाप विफल रहने के बाद अब मंगलवार को एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंकों की हड़ताल की गई है। इस बैंक हड़ताल में देश भर के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, निजी क्षेत्र के बैंक, विदेशी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और सहकारी बैंकों के 8 लाख कर्मचारी और अधिकारी शामिल हो रहे हैं। वहीं मध्यप्रदेश में इस हड़ताल में 7 हजार से अधिक बैंक शाखाएं और 40 हजार से अधिक अधिकारी-कर्मचारी शामिल हो रहे हैं। इसके चलते सभी बैंकों में ताले लटके पड़े हैं और ग्राहक परेशान हो रहे हैं। मंगलवार को सुबह महाराज बाड़ा स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सामने बैंककर्मियों ने सरकार के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन जताया।
शनिवार से मंगलवार तक चार दिन बैंक बंद
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स मध्य प्रदेश के कॉर्डिनेटर वीके शर्मा ने बताया कि पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह पर बारहवें द्विपक्षीय वेतन पुनरीक्षण के समय ही आइबीए ने इस मांग पर सैद्धांतिक सहमति जताई थी, लेकिन केंद्र सरकार ने कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया। इसके चलते सभी बैंक कर्मचारी आज हड़ताल पर हैं। बैंक हड़ताल से ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हड़ताल से पहले 24 जनवरी को चौथा शनिवार, 25 जनवरी को रविवार और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस का अवकाश होने के कारण जनवरी के अंतिम सप्ताह में लगातार चार दिन बैंक बंद हैं।
बैंक अधिकारी-कर्मचारियों ये 9 संगठन हो रहे शामिल
ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (एआईबीईए), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन (एआईबीओसी), नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ बैंक एम्प्लॉइज (एनसीबीई), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (एआईबीओए), बैंक एम्प्लॉइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीईएफआई), इंडियन नेशनल बैंक एम्प्लॉइज फेडरेशन (आईएनबीईएफ),
इंडियन नेशनल बैंक ऑफिसर्स कांग्रेस (आईएनबीओसी),नेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ बैंक वर्कर्स (एनओबीडब्ल्यू) ,नेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ बैंक ऑफिसर्स (एनओबीओ) शामिल हैं।
इन मांगों को लेकर हड़ताल
Updated on:
27 Jan 2026 11:21 am
Published on:
27 Jan 2026 11:21 am
