
female harassment
ग्वालियर। इन दिनों टमाटर फ्लू के काफी केस निकल रहे हैं। टमाटर फ्लू वाले बच्चों में देखे जाने वाले प्राथमिक लक्षण चिकनगुनिया के समान होते हैं, जिसमें तेज बुखार, चकत्ते और जोड़ों में तेज दर्द शामिल हैं। लेकिन पैरेंट्स को इस बीमारी से घबराने की जरूरत नहीं है। प्रॉपर ट्रीटमेंट से इसे कम समय में ठीक किया जा सकता है।
एक से पांच साल के बच्चों में यह बीमारी अधिक होती है। 80 परसेंट बच्चे ठीक हो जाते हैं। ऐसे बच्चों को आइसोलेट करना जरूरी है। बड़ों का यह रोग तभी होता है जब उनकी इम्युनिटी कमजोर होती है। टमाटर फ्लू का नाम पूरे शरीर में लाल और दर्दनाक फफोले के फटने के आधार पर पड़ा, जो धीरे-धीरे टमाटर के आकार का हो गया। ये फफोले युवा व्यक्तियों में मंकीपॉक्स वायरस के साथ दिखने वाले फफोले से मिलते जुलते हैं।
टमाटर फ्लू के साथ त्वचा पर रैशेज भी दिखाई देते हैं, जिससे त्वचा में जलन होती है। अन्य वायरल संक्रमणों की तरह, अन्य लक्षणों में थकान, मतली, उल्टी, दस्त, बुखार, जोड़ों की सूजन, शरीर में दर्द और सामान्य इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षण शामिल हैं, जो डेंगू में प्रकट होने वाले लक्षणों के समान हैं। इन लक्षणों वाले बच्चों में डेंगू, चिकनगुनिया, जीका वायरस, वैरीसेला जोस्टर वायरस और दाद के निदान के लिए आणविक और सीरोलॉजिकल परीक्षण किए जाते हैं।
पांच से सात दिन का अलगाव जरूरी
अन्य प्रकार के इन्फ्लूएंजा के समान टमाटर फ्लू बहुत संक्रामक है। इसलिए केरल से भारत के अन्य हिस्सों में टोमैटो फ्लू के वायरस के प्रकोप को रोकने के लिए सावधानीपूर्वक अलगाव अनिवार्य है। अन्य बच्चों या वयस्कों में संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए लक्षण शुरू होने के 5 से 7 दिनों के लिए अलगाव का पालन किया जाना चाहिए। रोकथाम के लिए सबसे अच्छा उपाय उचित स्वच्छता बनाए रखना और आसपास की आवश्यकताओं और पर्यावरण की स्वच्छता के साथ-साथ संक्रमित बच्चे को अन्य गैर संक्रमित बच्चों के साथ खिलौने, कपड़े, भोजन या अन्य वस्तुओं को साझा करने से रोकना है।
डॉ. राहुल सप्रा, पीडियाट्रिशियन
जलन व चकत्ते से राहत के लिए गर्म पानी स्पंज का यूज करें
एक बार जब इन वायरल संक्रमणों से इंकार कर दिया जाता है, तो टमाटर वायरस के संकुचन की पुष्टि हो जाती है। चूंकि टमाटर फ्लू चिकनगुनिया और डेंगू के साथ-साथ हाथ, पैर और मुंह की बीमारी के समान है। इलाज भी समान है। यानी अलगाव, आराम, बहुत सारे तरल पदार्थ और जलन व चकत्ते से राहत के लिए गर्म पानी स्पंज का उपयोग जरूरी है। बच्चों को टमाटर फ्लू के संपर्क में आने का खतरा बढ़ जाता है। क्योंकि इस आयु वर्ग में वायरल संक्रमण आम है।
छोटे बच्चे भी लंगोट के इस्तेमाल सेए अशुद्ध सतहों को छूने सेए साथ ही चीजों को सीधे मुंह में डालने से भी इस संक्रमण की चपेट में आ जाते हैं। हाथ, पैर और मुंह की बीमारी की समानता को देखते हुए यदि बच्चों में टमाटर फ्लू के प्रकोप को नियंत्रित और रोका नहीं जाता है, तो वयस्कों में भी फैलकर गंभीर परिणाम हो सकता है।
Published on:
16 Oct 2022 04:06 pm
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