डकैत मानसिंह ने वर्ष 1935 से 1955 के बीच 1, 112 डकैतियों की वारदातों को अंजाम दिया। उसने 182 हत्याएं की, जिनमें 32 पुलिस अधिकारी थे। मानसिंह राजपूत घराने से ताल्लुक रखता था। जिसके चलते घर से ही कई राजपूत रिश्तेदारों, परिवारजनों के सहयोग से ही एक बड़ी गैंग मान सिंह ने तैयार कर ली थी। एक समय ऐसा था की पूरे चंबल क्षेत्र पर मानसिंह का दबदबा था। मान सिंह को स्थानीय लोग दयावान मानते थे, जो गरीबों की सेवा में तत्पर रहता था। उसकी छवि रॉबिनहुड सरीखी थी, जो अमीरों को लूट कर धन गरीबों में बांट दिया करता था। वर्ष 1955 में सेना के जवानों ने मानसिंह और उसके पुत्र सुबेदार सिंह की गोली मार दी। यहां के खेरा राठौड़ इलाके में मान सिंह का एक मंदिर है, जहां उसकी पूजा की जाती है।