8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

पटना होस्टल कांड: जब मैं पहुँची बेटी जिंदा थी, पुलिस ने सच दबाया, पीड़िता की मां ने किए खौफनाक खुलासे

पटना हॉस्टल कांड: पीड़िता की मां ने बेटी के कपड़े गायब होने पर पुलिस को कठघरे में खड़ा करते हुए कई गंभीर आरोप लगाए।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

पटना

•

image

Rajesh Kumar Ojha

•

Updated: 18 Jan 2026, 11:06 AM IST

AI जनरेटेड फोटो

पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट (NEET) की तैयारी कर रही छात्रा की दुष्कर्म के बाद संदिग्ध मौत मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। पीड़िता के परिजनों ने ADG (कमजोर वर्ग) अमित कुमार जैन से शनिवार को मिलकर घटना से जुड़ी पूरी कहानी शेयर करते हुए पुलिस और अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाए। पीड़िता की मां ने चित्रगुप्त नगर थाना की SHO रोशनी कुमारी और पीड़िता का इलाज करने वाले डॉक्टरों की भूमिका पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि पुलिस और डॉक्टर पूरे मामले को रफा-दफा करने की कोशिश में लगे थे। पैसा देकर मेरा मुंह बंद करना चाह रहे थे।

अस्पताल प्रबंधन पर लगाया गंभीर आरोप

पीड़िता की मां ने कहा कि जहानाबाद से जब मैं अपनी बेटी से मिलने पहुंची थी तब वो जिंदा थी। वो हमें कुछ बताना चाह रही थी। लेकिन डॉक्टर और पुलिस वालों ने सच को छुपाने के लिए मुझे कमरे से बाहर कर दिया। पीड़िता की मां ने एसआईटी के सामने आगे कहा कि हॉस्टल के लोग अस्पताल प्रबंधन और पुलिस के सामने हमें पूरे मामले को रफा दफा करने के लिए मेरे ऊपर दबाव बना रहे थे। इंकार करने पर वे लोग मुझे मारने की धमकी तक दिया।

साक्ष्य मिटाने का आरोप

परिजनों ने पुलिस के आला अधिकारी से कई सवाल किए? पीड़िता की मां का कहना है कि मेरी बेटी के कपड़े कहां हैं? हॉस्टल, अस्पताल या पुलिस ने क्यों उसके कपड़े को फेंक दिए? उन्होंने कहा कि हर कोई जानता है कि किसी भी संदिग्ध मौत के मामले में पीड़िता के कपड़े सबसे बड़ा फॉरेंसिक साक्ष्य होते हैं, तो उसे क्यों फेंका गया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जब पुलिस ने मकान मालिक को जेल भेज दिया है, तो हॉस्टल संचालक पर पुलिस अब तक मेहरबान क्यों है? उसकी गिरफ्तारी में देरी क्यों की जा रही है?

SHO रोशनी कुमारी पर गंभीर आरोप

पीड़िता की मां ने चित्रगुप्त नगर की SHO रोशनी कुमारी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि रोशनी कुमारी शुरू से ही मामले को रफा-दफा करना चाह रही थी। उन्होंने शुरू से इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए और उनको तत्काल चित्रगुप्त नगर थाना से हटाया जाना चाहिए। वे वहां रहकर साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ कर सकती हैं। बहरहाल इस मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने को लेकर एम्स (AIIMS) में मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है। जो कि मौत के कारणों और साक्ष्यों की गहन समीक्षा करेगा। पुलिस ने इस मामले से जुड़े सभी महत्वपूर्ण साक्ष्य मेडिकल बोर्ड को सौंप दिए हैं।