परिजनों ने पुलिस के आला अधिकारी से कई सवाल किए? पीड़िता की मां का कहना है कि मेरी बेटी के कपड़े कहां हैं? हॉस्टल, अस्पताल या पुलिस ने क्यों उसके कपड़े को फेंक दिए? उन्होंने कहा कि हर कोई जानता है कि किसी भी संदिग्ध मौत के मामले में पीड़िता के कपड़े सबसे बड़ा फॉरेंसिक साक्ष्य होते हैं, तो उसे क्यों फेंका गया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जब पुलिस ने मकान मालिक को जेल भेज दिया है, तो हॉस्टल संचालक पर पुलिस अब तक मेहरबान क्यों है? उसकी गिरफ्तारी में देरी क्यों की जा रही है?