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ग्वालियर। अगर आप अपनी पुरानी गाड़ी को बेचने का प्लान कर रहे हैं तो ये खबर आपके लिए है। बता दें मध्यप्रदेश परिवहन विभाग की नजर चोरी और दस्तावेजों में हेरफेर कर सेकंड हैंड वाहन बेचने वाले ऑटो डीलर्स पर है। सेकंड हैंड वाहन बेचने वाले ऑटो डीलरों को अब ट्रेड सर्टिफिकेट लेना होगा। सेकंड हैंड वाहन की जानकारी अब वाहन-4 पर दर्ज होगी। लॉगिन आईडी के माध्यम से वाहन की पूरी जानकारी पोर्टल पर देखी जा सकेगी। मप्र परिवहन विभाग ने प्रदेश में इस दिशा काम करना शुरू कर दिया है। इसके लिए ऑटो डीलर्स से आवेदन मांगे गए हैं।
एनआईसी तैयार करेगा ऐपट्रेड
लाइसेंस के लिए डीलर्स को चिह्नित करने के लिए प्रदेश के सभी जिलों के आरटीओ को निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए एनआईसी को हेड को ऐप विकसित करने के लिए भी निर्देशित किया गया है। ट्रेड डीलर्स और वाहन खरीदने वाले को लॉगिन आईडी दी जाएगी, जिसमें वाहन की जानकारी उपलब्ध रहेगी। वाहन का डाटा नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) से लिंक रहेगा, जिससे यदि वह चोरी का होगा तो वह भी पता चल जाएगा।
अरविंद कुमार सक्सेना, अपर परिवहन आयुक्त प्रवर्तन, मप्र शासन का कहना है कि मध्यप्रदेश में डीलर्स अब ट्रेड सर्टिफिकेट लेने के बाद ही सेकंड हैंड वाहनों की बिक्री कर पाएंगे। नियम 22 दिसंबर-2022 को प्रचलन में लाया गया था। विभाग ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है। इससे चोरी और दस्तावेजों में हेरफेर के बाद बिकने वाले वाहनों पर रोक लग जाएगी।
बिना ट्रेड सर्टिफिकेट के बेच रहे वाहन
परिवहन विभाग प्री ओन्ड व्हीकल के डीलर से ट्रेड लेने के लिए लगातार प्रयास कर रहा था, लेकिन कई डीलर बिना ट्रेड सर्टिफिकेट लिए बिना ही वाहन बेच रहे हैं। ऐसे में वाहन चोरी का है या फिर उसके दस्तावेजों में हेरफेर की गई है, इसकी जानकारी नहीं मिल पाती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं हो पाएगा। इससे जो वाहन खरीदेगा और बेचेगा उसको पोर्टल पर ही वाहन की जानकारी मिल जाएगी। छत्तीसगढ़ में एक ऐसा मामला सामने आया था जिसमें बिना ट्रेड सर्टिफिकेट के वाहनों को बेचा जा रहा था, जो दूसरे जिलों की थी।
Published on:
30 May 2023 01:04 pm
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